अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

पीएम बनाने वालों का एमपी बनना भी मुश्किल: भाजपा

दूसरे चरण के मतदान के बाद भाजपा ने दावा किया है कि जो लोग पीएम बनने-बनाने का दम भर रहे थे उनका एमपी बनना भी पक्का नहीं है। गुरुवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में पूर्व मंत्री और भाजपा की प्रदेश चुनाव प्रबंधन समिति के संयोजक जनार्दन सिंह सीग्रीवाल ने कहा कि लालू प्रसाद और रामविलास पासवान का दावा था कि बिना उनके समर्थन के केन्द्र में सरकार ही नहीं बना सकती वह अब खुद अपनी-अपनी जीत के लिए तरस रहे हैं। पासवानजी तो संसद भवन की चाबी ही लेकर घूम रहे थे। मगर जो संकेत मिल रहे हैं उसके मुताबिक उनके क्षेत्र की जनता ने उनके पास से चाबी छीनकर रामसुंदर दास को दे दिया है ताकि वह सुरक्षित इसे ले जाकर लालकृष्ण आडवाणी के हाथों में सौंप सकें।ड्ढr ड्ढr पिछले 16 अप्रैल की वोटिंग के बाद लालू प्रसाद जिस तरह बौखलाहट में छपरा में बयान दे रहे थे, उससे वहां का भी नतीजा स्पष्ट है। शुरू के दो चरणों के मतदान के रुझान के आधार उन्होंने दावा किया कि एनडीए सभी 26 सीटों पर जीतेगी और चुनाव के बाद लालू-रामविलास की राजनीतिक दुकान बंद हो जाएगी। प्रदेश प्रवक्ता विनोद नारायण झा ने कहा कि लालू प्रसाद और रामविलासजी अब सूबे की जनता को गुमराह नहीं कर सकते। अल्पसंख्यक वोटों में भी बिखराव हुआ है और इस वर्ग के मत अब भाजपा को भी मिल रहे हैं। इस मौके पर समिति के सचिव अनिल शर्मा भी मौजूद थे। बसपा को दूसर चरण में 5 सीटों की उम्मीदड्ढr पटना(हि.ब्यू)। बसपा ने दावा किया है कि दूसर चरण के मतदान में पांच सीटों पर उसके उम्मीदवार जीतेंगे। मतदान का प्रतिशत कम होना उनके पक्ष में हैं। पार्टी के बिहार प्रभारी गांधी आजाद ने कहा है कि बसपा के वोटर गरीब गुरबे हैं। उन्हें काम पर जाना होता है इसलिए वे सुबह ही बूथ पर कतार में लग जाते हैं। इसके विपरीत अन्य दलों के वोटर खाना खाकर आराम करंगे तब बूथ पर जाते हैं। लिहाजा पोल कम होने से उन्हें हानि होती है। उन्होंने कहा कि दूसर चरण में जिन सीटों के लिए मतदान हुए उनमें शिवहर, बाल्मीकीनगर, मुजफ्फरपुर, बेतिया और सीतामढ़ी में बसपा उम्मीदवारों को जीत हासिल होगी। अगर फेयर मतदान होता तेा बसपा को और अधिक सीटें मिलती। लेकिन इस बार भी मतों का हरण कर लिया गया। इसके लिए खुलेआम हर जगह बल का प्रयोग किया जाता रहा और सरकारी अधिकारी मूकदर्शक बने रहे। बूथों पर सुरक्षा की स्थिति ऐसी रही कि वोटर तो वोटर मतदान कर्मी भी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार बिहार में गरीब असुरक्षित हैं उसी तरह अपने वोटों की रक्षा के लिए भी उन्हें जान की बाजी लगानी पड़ती है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: पीएम बनाने वालों का एमपी बनना भी मुश्किल: भाजपा