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पारा शिक्षकों के मामले में विधानसभा में लंबी चर्चा,

राज्यस्तरीय पारा शिक्षकों की नियुक्ित को स्थायी करने के मामले को लेकर विधानसभा में मंगलवार को लंबी चर्चा चली। राजद के विधायक उदयशंकर सिंह के एक ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर शिक्षा मंत्री बंधु तिर्की ने कहा कि आनेवाले दिनों में पारा शिक्षकों की सेवा नियमित हो जायेगी। फिलहाल उनका मानदेय अभी और नहीं बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि इस मामले में कोई पोलिटिक्स नहीं करनी चाहिए। विधायक रवींद्र महतो और विधायक गिरिनाथ सिंह ने भी शिक्षा मंत्री की बातों का समर्थन किया। मंत्री भानू प्रताप शाही ने विपक्ष की ओर इशारा करते हुए कहा कि असामाजिक तत्वों ने इस मामले में कुप्रचार किया है। सदन से सभी बाहर चल गये हैं। विधायक उदयशंकर सिंह ने सरकार से जानना चाहा था कि शिक्षण व्यवस्था में सुधार के लिए पारा शिक्षकों को लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा में शामिल करना गलत होगा। मंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित सामुदायिक शिक्षक सेवा शर्त नियमावली में झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा परीक्षा आयोजित करने का किसी प्रकार का प्रावधान नहीं किया गया है। सरकार ने सामुदायिक शिक्षक सेवा शर्त नियमावली 2008 के तहत 75 हाार पारा शिक्षकों को सामुदायिक शिक्षक के रूप में काम करने का अवसर दिया है। सरकार जो परीक्षा आयोजित करगी, उसमें सिर्फ पारा शिक्षक ही शामिल होंगे। उपायुक्त की अध्यक्षता में जिलास्तरीय समिति का गठन किया गया है। मंत्री ने यह भी बताया कि सभी पारा शिक्षकों को इग्नू से ट्रेंड किया जायेगा। इस पर विधायक इंदर सिंह नामधारी ने कहा कि ट्रेनिंग के लिए आवेदन फार्म शिक्षकों को नहीं मिल रहा है। माले के विनोद सिंह ने कहा कि सरकार की नियमावली की अधिसूचना में कई शर्ते जटिल हैं। पांच साल तक जो काम पूरा करगा, उसे ही 5100 रुपये मानदेय मिलेगा। इस बीच उसे 2500 रुपये मिलेंगे। फिर उसके बीएड होने की शर्त भी लगायी गयी है। ं

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