अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

नो जापान, नो आस्ट्रेलिया ओनली अमेरिका : एंटनी

भारत और अमेरिकी नौसेनाओं के मालाबार श्रंखला के अभ्यासों को दोनों देशों की नौसेनाओं तक सीमित रखने का विचार है। गत वर्ष इस श्रंखला के अभ्यास में जापान, सिंगापुर और आस्ट्रेलिया ने भी भाग लिया था जिसकी काफी आलोचना हुई थी। वाम दलों ने इस अभ्यास की कड़ी आलोचना की थी। रक्षा मंत्री ए.के.एंटनी ने यहां तटरक्षक बल कमांडरों के सम्मेलन का उद्घाटन करने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि क्यों कुछ लोग इसे लेकर गलत बातें करते हैं। उन्होंने कहा कि नीतिगत फैसले के तहत सिर्फ द्विपक्षीय अभ्यास ही किए जाएंगे। पिछली बार की बात कुछ अलग थी, जब अभ्यास में तीन और नौसेनाओं ने भाग लिया। इस वर्ष एक साथ अनेक देशों की नौसेनाओं के अभ्यास नहीं होंगे। मालाबार श्रंखला के तहत भारतीय-अमेरिकी नौसेनाएं ही भाग लेंगी। एंटनी ने कहा कि भारत और अमेरिकी नौसेनाओं के अभ्यास 1से हो रहे हैं और इसमें कोई नई बात नहीं है। एंटनी हाल ही में अमेरिका गए थे। इस यात्रा के बार में यह पूछने पर कि क्या किसी द्विपक्षीय समझौते पर बात हुई है, रक्षा मंत्री ने कहा कि उनकी यात्रा के बारे में कुछ भी गोपनीय नहीं है। वह अमेरिकी रक्षा मंत्री रॉबर्ट गेट्स की गत फरवरी की भारत यात्रा के जवाब में अमेरिका गए थे। उन्होंने बताया कि अमेरिकी रक्षा मंत्री के साथ रक्षा संबंधों तथा भारत के पड़ोस में सुरक्षा परिदृश्य पर व्यापक बातचीत हुई। एंटनी ने बताया कि आगामी 28 सितंबर से रूसी रक्षा मंत्री एनातोली सद्र्युकोव भारत आ रहे हैं जो यहां दोनों देशों के बीच सैन्य व तकनीकी सहयोग के लिए विशेष रूप से गठित अंतर सरकारी आयोग की बैठक की संयुक्त अध्यक्षता करंगे। एसी व्यवस्था सिर्फ भारत और रूस के बीच ही है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: नो जापान, नो आस्ट्रेलिया ओनली अमेरिका : एंटनी