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आरयू-एचआरडी आमने सामने

एचआरडी के फरमान से रांची यूनिवर्सिटी के अधिकारी सकते में हैं। एचआरडी ने रांची यूनिवर्सिटी के शिक्षकों के मर्जर वेतन के बकाये के लिए 54.51 करोड़ की राशि मंजूरी दी है। पंरतु अब उसने शर्त रखी है कि यूनिवर्सिटी पहले यह सर्टिफिकेट दे कि इसके बाद वह मर्जर के बकाया मद में कोई राशि नहीं मांगेगी। आरयू अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी शिक्षक या कॉलेज का डिमांड छूट गया, तो वे मर्जर वेतमान से वंचित हो जायेंगे। यूनिवर्सिटी एसा सर्टिफिकेट देने के मूड में नहीं है। यूनिवर्सिटी अधिकारियों का कहना है कि कई कॉलेज हैं। कुछ निर्धारित समय पर डिमांड नहीं भेज पाते। बाद में डिमांड आने पर उसे क्लेम किया जाता है। यह पुरानी परंपरा रही है। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ अंजनी कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि यूनिवर्सिटी से जो क्लेम मिला, उसका भुगतान हो रहा है। अब इस मद में रांची यूनिवर्सिटी का कोई क्लेम बाकी नहीं रहा।

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