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सीटीबीटी के भविष्य को लेकर मून चिंतित

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की मून ने व्यापक परमाणु परीक्षण निषेध संधि (सीटीबीटी) के भविष्य पर चिंता जताते हुए अमेरिका, ईरान, चीन और अन्य देशों से इस पर हस्ताक्षर करने का आग्रह किया है। मून ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 63वें अधिवेशन के दौरान अलग से हुई 40 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में बुधवार को कहा कि सीटीबीटी अपने अंजाम के काफी करीब पहुंच चुकी है। लेकिन कुछ देशों ने अब तक इस पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। यह गंभीर चिंता का विषय है। उल्लेखनीय है कि सीटीबीटी पर हस्ताक्षर की प्रक्रिया 12 वर्ष पहले शुरू हुई थी। अब तक 17देश इस पर दस्तखत कर चुके हैं, जबकि 144 देशों ने इसका अनुमोदन किया है। अमेरिका, उत्तर कोरिया, मिस्र, चीन, पाकिस्तान, भारत, इंडोनेशिया, ईरान और इजरायल ने अब तक इसे मंजूरी नहीं दी है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने कहा कि जिन देशों ने अब तक सीटीबीटी पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं उन्हें यथाशीघ्र इस दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। अमेरिका ने वर्ष 1में डेमोक्रेट राष्ट्रपति बिल क्िलंटन ने कार्यकाल के दौरान सीटीबीटी पर हस्ताक्षर किए थे, लेकिन वर्ष 1में रिपब्लिकन पार्टी के बहुमत वाली सीनेट ने इसे खारिज कर दिया था। विश्लेषकों का मानना है कि अगर अमेरिका ने सीटीबीटी को मंजूरी नहीं दी तो इसका अपने मुकाम तक पहुंचना संभव नहीं है।

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