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राज की धमकियों पर भड़का हाईकोर्ट

मराठी में साइन बोर्ड लिखने के लिए दुकानदारों को धमकी देने के मामले में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकर पर कार्रवाई नहीं करने पर बांबे हाईकोर्ट ने गुरुवार को महाराष्ट्र सरकार को जमकर फटकार लगाई है। अदालत ने चेतावनी के लहो में कहा है कि एसी कार्रवाई की जाए ताकि आम आदमी में राज्य प्रशासन के प्रति विश्वास पैदा हो। फेडरशन ऑफ रिटेल ट्रेडर्स वेलफेअर एसोसिएशन ने ठाकर के धमकी वाले पत्र पर अदालत में याचिका दायर की है। याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश जे एन पटेल ने कहा कि एक जमाना था जब हम शहीद भगत सिंह जसे हीरो के काम को याद करते थे लेकिन आज आतंकवादी को पूज रहे हैं। सरकारी रवैए से नाराज न्यायाधीश पटेल ने कहा कि आज आतंकवादी ई-मेल भेज रहे हैं और अपराध करने से पहले अपनी योजना के बार में बता रहे हैं। राज ठाकर भी कार्रवाई करने से पहले धमकी वाले पत्र भेज रहे हैं और आप (सरकार) आतंकवादियों को पकड़ लेते हैं,उनको (राज) आप गिरफ्तार नहीं कर सकते। इस मामले की सुनवाई के दौरान न्यायाधीश पटेल के साथ न्यायाधीश के के तातेड़ भी थे। राज्य सरकार की लापरवाही और राज पर कार्रवाई नहीं होने से न्यायाधीश ने कहा कि अदालत पूर मामले पर गंभीर है। न्यायाधीश ने सरकारी पक्ष से कहा है कि राज ठाकर के खिलाफ क्या कदम उठाए गए और आम आदमी के अंदर से डर को निकाला गया या नहीं इस पर 16 अक्तूबर तक अदालत में हलफनामा जमा किया जाए। सरकार के वकील डी ए नलावडे ने अदालत को कानून के तहत कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। इसके साथ ही संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) के एल प्रसाद, ठाणे पुलिस आयुक्त अनिल दहर और राज्य सरकार के मुख्य सचिव अजित पारसनिस के हलफनामे जमा किए गए, जिसमें बताया गया है कि राज के मामले में क्या कदम उठाए गए थे और दुकानदारों को भेजे उनके धमकी वाले पत्र पर कानूनी सलाहकारों की राय का इंतजार किया जा रहा है।

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