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मदद में बिहारी सांसद ही रह गए पीछे

बिहार में बाढ पर राजनीति करने के लिए तो नेता खूब जुटे लेकिन जब सांसद निधि से पीड़ितों को मदद की बारी आयी तो बिहार के सांसद ही पीछे रह गए। बिहार से लोकसभा के 40 में से सिर्फ 15 सांसदों ने ही अभी तक सांसद निधि से पीड़ितों को मदद की घोषणा की है। वहां से राज्यसभा के 11 सांसद भी आगे आए हैं। बिहार में बाढ़ के बाद इस महीने की शुरूआत में लोकसभाध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी, राज्यसभा के सभापति हामिद मोहम्मद अंसारी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्री जी. के. वासन ने सांसदों से पीड़ितों की मदद के लिए सांसद निधि से 10 लाख रुपये मदद की अपील की थी। 30 सितंबर तक मदद प्रदान करने को कहा गया। 25 सितंबर तक की स्थिति के अनुसार लोकसभा के 545 सांसदों में से ने मदद का ऐलान किया। राज्यसभा के 245 में से 111 ने मदद प्रदान की है। ज्यादातर सांसदों ने 10 लाख रुपये दिए हैं। दक्षिणी राज्यों तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश के सांसद भी खुलकर मदद के लिए आगे आए हैं। उत्तराखंड, पंजाब जैसे राज्यों के सांसद भी आगे आए हैं। सबसे अच्छी मदद कामरडों की तरफ से हुई है। प. बंगाल से लोकसभा के 20 और राज्यसभा के 11 सांसद मदद का ऐलान कर चुके हैं। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय के एक उच्च अधिकारी के अनुसार पिछले 25 दिनों में जो रिस्पांस मिला है, वह उत्साहजनक नहीं है। इससे पहले सुनामी में भी मदद के लिए आगे आने वालों का प्रतिशत 50 से कम रहा। इस बार यह और भी निराशानजक है। अभी तक 70 में से सिर्फ 202 सांसद आगे आए हैं।

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