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चावल मिलें सरकार को बेचेंगी बिजली

चावल मिलें बेचेंगी सरकार को बिजली। बक्सर, भोजपुर और गोपालगंज में पैक्सों द्वारा संचालित चावल मिलें बायोमास गैसीफायर सिस्टम के जरिये धान की भूसी से बिजली बना रही हैं। सहकारिता विभाग ने मिलों के आसपास के गांवों में बिजली आपूर्ति का एक प्रस्ताव ऊर्जा विभाग को सौंपा है। सहमति बन गयी तो उक्त जिलों के दर्जनों गांव चावल मिलों की बिजली से जगमगाएंगे।ड्ढr ड्ढr सहकारिता मंत्री गिरिराज सिंह कहते हैं, धान बहुल इलाकों में पैक्सों और व्यापार मंडलों को बायोमास गैसीफायर सिस्टम के उपयोग से चावल मिल लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। जल्द ही पैक्सों द्वारा संचालित 100 मिलों को यह तकनीक उपलब्ध करायी जायेगी। इससे डीजल की काफी बचत होती है। वैशाली में लगुरांव विलन्दपुर पैक्स द्वारा संचालित कोल्ड स्टोरज में बायोमास गैसीफायर सिस्टम लगने के बाद डीजल की खपत प्रति घंटे 24 लीटर से घटकर 7 लीटर हो गयी है। नतीजतन संस्थान को प्रति माह एक लाख रुपये की शुद्ध बचत है।ड्ढr ड्ढr फिलहाल बक्सर में रघुनाथपुर पैक्स, भोजपुर में पीरो और बनकट पैक्स, गोपालगंज व्यापार मंडल की चावल मिल, सीवान के जमालहाता में हैण्डलूम पॉलिएस्टर कॉटन सिल्क वस्त्र उत्पादन सहयोग समिति और लगुरांव कोल्ड स्टोरज द्वारा 40 से 150 केवीए तक विद्युत उत्पादन हो रहा है। शाम में इसकी आपूर्ति आसपास के इलाकों में कराने का प्रस्ताव विद्युत बोर्ड को भेजा गया है।

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