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शहाबुद्दीन को फिर दस साल की कैद

ोल के अंदर गठित विशेष सेशन कोर्ट ने पाक निर्मित गोलियों की बरामदगी के मामले में राजद सांसद मो. शहाबुद्दीन को 10 वर्ष की सजा सुनाई जबकि संदेश बैठा के मामले में साक्ष्य के अभाव में शहाबुद्दीन समेत तीन आरोपियों को बरी कर दिया गया। शहाबुद्दीन को अबतक 6 मामलों में सजा सुनाई गई है। चार मामलों में वे बरी हो चुके हैं। बचाव पक्ष के अधिवक्ता अभय कुमार राजन ने कहा कि सजा के खिलाफ शहाबुद्दीन हाईकोर्ट जाएंगे। सेशन जज ज्ञानेश्वर श्रीवास्तव ने अपर महाधिवक्ता रामविलास महतो, बचाव पक्ष के अधिवक्ता अभय कुमार राजन व सांसद की उपस्थिति में अपना फैसला सुनाया।ड्ढr ड्ढr सेशन ट्रायल नं. 1807 (पाक निर्मित गोलियां बरामद होने के मामले) में कुल 8 गवाह पेश किए गए। अपर महाधिवक्ता ने बताया कि सभी गवाहों ने अभियोजन पक्ष का समर्थन किया था। जज ने गवाहों के बयान दर्ज करने व दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस सुनने के बाद सांसद मो. शहाबुद्दीन को दोषी पाया। अदालत ने दफा 122 एवं 123 (देशद्रोह) में शहाबुद्दीन को दोषी नहीं पाया जबकि साक्ष्य अधिनियम की धारा 25 (1) (1-बी) ए तथा 25 (1) (1-ए) में दोषी पाते हुए जज ने शहाबुद्दीन को क्रमश: 10 वर्ष व तीन वर्ष की सजा सुनाई। साथ ही 10 हाार एवं 5000 रुपए का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड नहीं देने पर क्रमश 1 वर्ष व 6 माह की सजा बढ़ाई जा सकती है। दोनों दफाओं की सजा साथ-साथ चलेगी।ड्ढr ड्ढr मालूम हो कि 24 अप्रैल 05 को तत्कालीन डीएम सीके अनिल व एसपी रत्न संजय के नेतृत्व में सांसद के पैतृक आवास प्रतापपुर में छापेमारी की गई। छापेमारी में सांसद के पलंग के नीचे से दो सौ प्रतिबंधित गोलियां व एक पिस्टल लेजर बरामद हुआ था। सेशन ट्रायल नं. संदेश बैठा के मामले) में जज ने साक्ष्य के अभाव में सांसद मो. शहाबुद्दीन, रूस्तम खां तथा मुन्ना साई को बरी कर दिया। इस कांड में सूचक संदेश बैठा, दारोगा रफीक खां तथा सत्येन्द्र कुमार सिंह की गवाही हुई थी। अभियुक्तों पर 21 जून 1ो दारोगा संदेश बैठा के साथ मारपीट कर अभियुक्त मुन्ना साई को छुड़ाने का आरोप था।

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  • Web Title: शहाबुद्दीन को फिर दस साल की कैद