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दस लाख बच्चों को नहीं मिलीं किताबें

सितंबर को शिक्षा मंत्री बंधु तिर्की ने असैनिक कार्य, कस्तूरबा गांधी स्कूल और पुस्तक वितरण की समीक्षा की। इस दौरान वे लगातार पदाधिकारियों को फटकार लगाते रहे। शिक्षा मंत्री के कड़े तेवर से प्रकाशकों और पदाधिकारियों के पसीने छूटते रहे। स्पष्ट कहा-चार अक्तूबर लास्ट डेट है। इसके बाद इफ-बट नहीं चलेगा। सभी स्कूल में किताब नहीं पहुंची, तो प्रकाशक जेल भेजे जायेंगे। होटवार जेल के सेल नंबर-3 में सीट रिार्व कर दिया गया है। खूंटी, गढ़वा, सिमडेगा और पूर्वी सिंहभूम के पदाधिकारियों ने अपने प्रतिनिधि को समीक्षा बैठक में भेज दिया था। समीक्षा में प्रतिनिधियों को नहीं भेजने की हिदायत दी गयी। कार्य में लापरवाही बरतने के कारण पाकुड़ के डीइओ और गोड्डा के डीएसइ को तुरंत हटाने का निर्देश दिया।ड्ढr मंत्री ने गोड्डा में धर्मदेव राय को भेजने की बात भी कही। प्रकाशकों की मानें, तो दस लाख से ज्यादा बच्चे किताबों से वंचित हैं, जबकि विभाग का आंकड़ा इससे अधिक है। वैसे विभिन्न जिलों से रिपोर्ट आ गयी है। आंकड़ों का मिलान किया जा रहा है।ड्ढr किताब वितरण में सबसे खराब स्थिति गोपसंश पब्लिकेशन की थी। बोकारो समेत कई जिलों के स्कूलों में अब तक किताब नहीं पहुंची है। परियोजना पदाधिकारी प्रमोद कुमार को हर जिले में घूमकर रिपोर्ट लेने का निर्देश दिया गया। पाया गया कि 13 जिलों में किताब वितरण की स्थिति दयनीय है।ड्ढr शिक्ष सचिव आरएस वर्मा ने मध्याह्न् भोजन को प्राथमिकता के आधार पर चलाने का निर्देश दिया। बैठक में परियोजना निदेशक समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।

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