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निचले सदन में करार मंजूर, निगाहें सीनेट पर

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अमेरिका यात्रा की समाप्ति के समय 123 समझौते से संबंधित विधेयक को अमेरिकी संसद के सदन ‘हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव्स’ ने पारित कर दिया, एक नई बाधा के बावजूद सीनेट से भी इसको शीघ्र मंजूरी मिलने की उम्मीद है। अमेरिकी संसद के निचले सदन ‘हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स’ में भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु समझौते से संबंधित विधेयक को मंजूरी मिलने का स्वागत करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने सीनेट से भी शीघ्रता से इस विधेयक को पारित करने का अनुरोध किया, ताकि भारत के साथ भागीदारी बढ़ाई जा सके। शनिवार को 123 समझौते से संबंधित विधेयक को हाउस से 117 के मुकाबले 2वोटों की मंजूरी मिलने के बाद जारी बयान में बुश ने कहा कि वे सीनेट से आग्रह करते हैं कि वह इस महत्वपूर्ण विधेयक को अक्टूबर में सत्र स्थगित होने से पहले पारित कर दे। दोनों देशों के संबंधों में बदलाव लाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाने के लिए निचले सदन को बधाई देते हुए बुश ने सीनेटरों से कहा कि इस विधेयक को मंजूरी से भारत के साथ हमारी भागीदारी मजबूत बनाने में मदद मिलेगी। 123 समझौते से संबंधित विधेयक के हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव्स में से पारित होने पर खुशी जाहिर करते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पेरिस रवाना होने से दो घंटे पहले न्यूयार्क के वॉलडार्फ एस्तोरिया होटल में एक स्वागत समारोह में कहा कि मैं इसके लिए जॉर्ज बुश को धन्यवाद देना चाहूंगा। करार की अंतिम बाधा भी जल्दी ही पार होने का विश्वास व्यक्त करते हुए मनमोहन सिंह ने कहा कि भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु समझौता भारत, अमेरिका और पूरी दुनिया के हित में है। अमेरिका में व्याप्त आर्थिक संकट से निपटने के लिए बुश प्रशासन की 700 अरब डॉलर की योजना पर खींचतान के बावजूद, सीनेट सोमवार या फिर सत्र के स्थगन के पहले ही 123 समझौते से संबंधित विधेयक को मंजूरी दे सकती है। सीनेट के बहुमत दल के नेता हैरी रीड ने संकेत दिया है कि उन्होंने अन्य सीनेटरों से 123 समझौते पर से आपत्तियां हटाने का आग्रह किया है।

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  • Web Title: निचले सदन में करार मंजूर, निगाहें सीनेट पर