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करार को मंजूरी सबसे बड़ी उपलब्धि

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में एटमी क रार मंजूर हो जाने पर कांग्रेस पार्टी ने खुशी का इजहार करते हुए इसे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह रचित कूटनीति की सर्वोच्च उपलब्धि बताया है। स्मरणीय है कि तीन दिन पहले पीएम ने वाशिंगटन में कहा था कि भारत की जनता इस करार के लिए जार्ज बुश को प्यार करती है। उसी तर्ज पर कांग्रेस प्रवक्ता वीरप्पा मोइली ने कहा कि देश जार्ज बुश का कृतज्ञ है कि उनके अनथक प्रयासों से एसा संभव हुआ। उन्होंने इसका श्रेय पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को भी दिया जिनके मार्गदर्शन और प्रेरणा से राजनेता मनमोहन सिंह ने एसी कूटनीति गढ़ी जो कामयाब होती चली गई। लेकिन माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी प्रतिनिधि सभा की मंजूरी पर उखड़ी हुई है। कोलकाता में पोलित ब्यूरो सदस्य सीताराम येचुरी ने कहा कि हम संसद में इस करार का विरोध करंगे। हमें जो डर था, वह सच साबित हुआ है। इस करार का असर एटमी मामलों से आगे जाएगा और भारत अमेरिका के सामने समर्पण करता रहेगा। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने बयान जारी किया है कि मनमोहन सिंह करार को अमेरिकी कांग्रेस से पास कराने पर आमादा हैं, लेकिन इसमें खुश होने वाली कोई चीज नहीं। आश्चर्यजनक रूप से भारतीय जनता पार्टी ने इस मसले पर टिप्पणी से इंकार कर दिया। प्रवक्ता रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि अभी तो यह कांग्रेस के एक सदन से पारित हुआ है। हम हर अमेरिकी कदम पर टिप्पणी नहीं करंगे। सीनेट से मंजूर हो जाने के बाद ही पता चलेगा कि करार का असली चेहरा क्या है।

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