DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

खर्चने में सरायकेला अव्वल, खूंटी फिसड्डी

राष्ट्रीय ग्रामीण रोगार गारंटी योजना (नरेगा) की रकम खर्च करने में सरायकेला अव्वल जिला रहा है, जबकि खूंटी इस मामले में सबसे फिसड्डी रहा है। जिलों की यह रैंकिंग रिपोर्ट शिबू सोरन के सीएम बनने के बाद तैयार की गयी है। रिपोर्ट के अनुसार अगस्त 2008 तक योजना की वित्तीय उपलब्धि 45.02 प्रतिशत है। विभाग ने उपलब्ध राशि खर्च करने के मामले में जिलों की जो रैंकिंग तय की है, उसके अनुसार हाारीबाग दूसर और जामताड़ा तीसर नंबर है। इसके बाद क्रमवार लातेहार, रामगढ़, दुमका, सिमडेगा, पूर्वी सिंहभूम, साहेबगंज, लोहरदगा, गिरिडीह, रांची, कोडरमा, देवघर, पाकुड़, बोकारो, पलामू, चतरा, गुमला, धनबाद, पश्चिम सिंहभूम, गोड्डा, गढ़वा और खूंटी जिला का नाम है। रिपोर्ट के अनुसार योजना में 32080 परिवार निबंधित हैं। 863756 परिवारों ने कार्य की मांग की है। इनमें से 863454 परिवारों को कार्य उपलब्ध कराये गये हैं। 77परिवारों को ही अब तक 100 दिन तक रोगार उपलब्ध कराये गये हैं। दरअसल, योजना को जमीन पर उतारने का मामला बराबर विवादों में घिरा रहा है। मजदूरों को जॉब कार्ड मुहैया कराना और बैंक या डाक घर में खाता खोलकर 15 दिनों के अंदर मजदूरी का भुगतान करना योजना की शर्तो में शामिल है। मजदूरों की बजाय जॉब कार्ड अधिकारी और बिचौलियों के पास रहने की शिकायत मिलती रही है। शिबू सोरेन की योजना पर कड़ी निगाह है।ं

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: खर्चने में सरायकेला अव्वल, खूंटी फिसड्डी