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बाढ़ पीड़ितों ने थाना घेरा

ारबिसगंज के सिमराहा स्थित राहत शिविर में अपनी दस माह की बच्ची के लिए खाना लाने गयी हसीना खातून को बीएमपी के जवानों ने बेरहमी से पीटकर अधमरा कर दिया। मां की गोद में रही बच्ची को भी गंभीर चोटें आयी। जिससे वह घटना स्थल पर ही बेहोश हो गयी। महिला एवं बच्ची की हालत देख पीड़ितों का आक्रोश जवानों पर फूट पड़ा। पीड़ितों ने जवानों को चहेट-चहेट कर पीटा तथा सभी शिविर छोड़ हथियार के साथ भागने में सफल रहे। महिला पर लाठियां बरपाने वाला जवान को सिमराहा थानाध्यक्ष दीपांकर श्रीज्ञान ने थाना लाया।ड्ढr ड्ढr उसके बाद आक्रोशित पीड़ितों ने परंपरागत हथियारों के साथ थाना की घेराबंदी कर दी। पीड़ित थाना में छिपे जवान को पब्लिक के हवाले करने की मांग कर रहे है। सुरक्षा की दृष्टि से थानाध्यक्ष ने जवान को थाना के एक कमर में बंद कर दिया है। घटना के संबंध में बताया जाता है कि सिमराहा राहत शिविर के बैरक नं. 103 में रह रही पीड़िता अपनी बेटी रूखसार के लिए खाना लाने गयी थी । उसी वक्त खाना लेने की होड़ में जवानों ने लाठी बरपाना शुय कर दिया। पीड़िता हसीना खातून पति अफरो आलम सुपौल जिला के कुशहा निवासी बतायी जाती है।ड्ढr प्रदर्शन करने वालों में मो. इस्लाम, हासिम खान, मुख्तार अंसारी, सोहना खातून, अबरती देवी, हकीम खान, रहीदा खातून, मो. सागीर समेत हाारों लोग सिमराहा थाना की घेराबंदी कर रहे थे तब वरीय पदाधिकारी घटनास्थल पर पहुंचकर मामले को शांत कराया।

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