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आज भी 36 रुपये

रांची एवं जमशेदपुर में पूर्व में आवास बोर्ड द्वारा सरकारी कर्मचारियों को आवंटित फ्लैटों का किराया आज भी 36 रुपये है। आवास बोर्ड ने इन फ्लैटों को भाड़ा सह क्रय के आधार पर आवंटित करने का प्रस्ताव सरकार के समक्ष रखा है। आवास सचिव ने इस पर महाधिवक्ता से परामर्श लेने का सुझाव दिया है। उक्त फ्लैट केंद्र सरकार के पैसे से बने हैं, इसलिए इनकी बिक्री या भाड़ा पर देने से पूर्व महाधिवक्ता की राय जरूरी समझी जा रही है।ड्ढr 1में रांची में 150 तथा जमशेदपुर में 48 फ्लैट केंद्र एवं राज्य सरकार के कर्मचारियों को आवंटित किये गये थे। इनका किराया 36 रुपये निर्धारित किया गया था। इनमें रहनेवाले अधिकांश कर्मचारी या तो सेवानिवृत्त हो चुके हैं या उनकी मृत्यु हो गयी है। उनके परिान आज भी उसी किराये में इन फ्लैटों में रह रहे हैं। पूर्व में सीएम की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में आवास बोर्ड के अध्यक्ष ने इस मामले को उठाया था। उन्होंने फ्लैटों को भाड़ा सह क्रय के आधार पर आवंटित करने का प्रस्ताव भी रखा। बोर्ड अध्यक्ष के इस प्रस्ताव को सीएम ने स्वीकार कर लिया। इस बीच आवास सचिव ने बिना कारण बताये फ्लैटों को भाड़ा सह क्रय पर आवंटित करने पर रोक लगा दी।ड्ढr जानकारी के अनुसार फिलहाल रांची में 150 रंटल फ्लैटों में से 37 फ्लैटों को भाड़ा सह क्रय के आधार पर होमगार्ड को दिया गया है। बोर्ड ने सरकार से रांची, जमशेदपुर में शेष बचे आवासों को भाड़ा सह क्रय के आधार पर फिर से आवंटित करने के लिए आदेश मांगा है।

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