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सेना का मसला सूची में टॉप पर

सशस्त्र सेनाओं की वेतन विसंगतियों को लेकर मचे बवाल का निपटारा करने के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी के अमेरिका से लौटने का इंतजार है। दस दिन की अमेरिका व फ्रांस की यात्रा से वापस लौटे मनमोहन सिंह के लिए घरेलू मोर्चे पर सेनाओं के तीनों अंगों में नए वेतनमानों को लेकर व्याप्त ऊहापोह दूर करने का मसला एजेंडे पर सबसे ऊपर है। सरकार के शीर्ष सूत्रों के अनुसार 17 अक्टूबर से आरंभ हो रहे सत्र के पहले ही सैन्य बलों की वेतन संबंधी शिकायतों को दूर कर लिया जाएगा। विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी के नेतृत्व में बनी मंत्रियों की तीन सदस्यीय उच्चाधिकार समिति में रक्षा मंत्री ए. के. एंटोनी व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम शामिल हैं। समिति प्रधानमंत्री ने पिछले रविवार को अमेरिका यात्रा के दौरान आनन-फानन में बिठाई थी। मंत्रियों की समिति ने फौरन ही रक्षा मंत्रालय के माध्यम से सेना के तीनों अंगों के वेतन से संबंधित सूचनाएं तलब की थी ताकि जल्द से जल्द सैन्य बलों में छठे वेतन आयोग को लेकर पैदा असंतोष को दूर किया जा सके। अक्टूबर के तीसर सप्ताह तक समिति को अपनी र्पिोट प्रधानमंत्री को सौंपनी है। लेकिन सूत्रों के अनुसार इस माह की 15 तारीख से पहले ही समिति अपना काम पूरा कर लेगी। सरकार दीपावली के पहले ही सैन्य बलों में नए वेतन को लेकर बेचैनी खत्म करके सभी बकाए वेतन भुगतान का मसला निपटा देना चाहती है। इस बीच रक्षा मंत्री ए.के.एंटनी ने कहा है कि वह इस मामले में ज्यादा बाल की खाल न उतार। वेतनमानों पर सेना प्रमुखों ने कुछ समस्याओं और खामियों की ओर ध्यान दिलाया, जो स्वाभाविक है। सरकार इस मामले को उचित स्तर पर देख रही है। सेना सरकार का ही एक हिस्सा है लिहाजा सरकार और सेना के बीच किसी तरह का कोई मतभेद नहीं है। यहां रक्षा लेखा दिवस पर आयोजित कार्यक्रम के बाद संवाददाताओं से बातचीत करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि सेना देश के व्यापक हित में थोड़ा सब्र कर।

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