अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

ब्लास्ट के आरोपितों पर राचाद्रोह का मुकदमा नहीं

चहरी सीरियल ब्लास्ट के आरोपितों पर अदालत ने आरोप बढ़ाने से इनकार कर दिया है। राजद्रोह और सरकार के खिलाफ यु की तैयारी जैसे आरोपों को नकारते हुए एडीो राजकुमार द्वितीय ने 2अगस्त को आतंकियों पर लगाए गए आरोपों पर ही अपनी मंजूरी दी है।ड्ढr 12 सितम्बर को अभियोजन पक्ष की पैरवी करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता देवीशरण गुप्ता ने एंटी टेरिरिस्ट सेल के अभियोजन प्रदीप श्रीवास्तव के सहयोग से कचहरी ब्लास्ट में शामिल आतंकियों पर आरोप नाकाफी बताते हुए अदालत में अर्जी दी थी। अभियोजन पक्ष ने माँग की थी कि अपर जज ने बाराबंकी स्टेशन के निकट सवा किलो आरडीएक्स के साथ जिलेटिन राड तथा डेटोनेटर के साथ पकड़े गए दोनों आतंकियों पर कम संगीन आरोप लगाए हैं जबकि साक्ष्यों के मद्देनजर आरोपों में बढ़ोतरी होनी चाहिए।ड्ढr शासकीय वकील श्री गुप्ता ने दण्ड संहिता की इन धाराओं 121, 122 व 124 के अलावा विधि विरु क्रियाकलाप निवारण अधिनियम की धारा-16 का आरोप बढ़ाने की भी माँग अदालत में रखी थी। बुधवार को अभियोजन की अर्जी पर फैसला सुनाते हुए कोर्ट-4 के अपर जिला जज राजकुमार द्वितीय ने अभियोजन द्वारा आरोपों की बढ़ोतरी की माँग सिरे से खारिज कर दी और मो. खालिद मुजाहिद तथा तारिक काजमी को केवल दण्ड संहिता की धारा 121 ए तथा 353 का जवाबदेह ठहराया है। उधर विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 4 तथा 5 के अलावा विधि विरु क्रियाकलाप निवारण अधिनियम की धारा 18 व 20 तथा 23 के लिए भी अदालत ने दोनों कथित आतंकियों पर आरोप की मंजूरी दी है। उधर, अभियोजन द्वारा दोनों आतंकियों के खिलाफ तफ्तीश अब भी जारी है। ड्ढr 12 सितम्बर को एटीएस के विवेचक ने कुछ साक्ष्य के कागजात भी अदालत में पेश किए थे। अपर जज श्री राजकुमार ने ये साक्ष्य भी बचाव पक्ष को 3 अक्तूबर को मुहैया कराने का आदेश अभियोजन को दिया है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: ब्लास्ट के आरोपितों पर राचाद्रोह का मुकदमा नहीं