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चार को नोटिस, सीआर में भी होगा दर्ज्

मनचाही पोस्टिंग के लिए इंजीनियरों को पैरवी महंगी पड़ सकती है। सरकार ने विभागों को नियम-प्रावधान के तहत इस पर नजर रखने को कहा है। सीएम शिबू सोरन की भी यही इच्छा है। पथ निर्माण विभाग में चार इंजीनियरों को नोटिस देने की तैयारी है। सूत्रों के मुताबिक इंजीनियरों से पूछा जायेगा कि मनचाही जगह पर जाने के लिए दबाव बनाने को लेकर आपके खिलाफ क्यों नहीं अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाये? संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर सीआर में भी यह मामला दर्ज होगा। छानबीन के बाद सरकार के संकल्प 10 एवं 20.3.2007 की कंडिका 11 का उल्लंघन करने के मामले में हरि रविदास, सुभाष चंद्रा, राजकिशोर प्रसाद समेत चार लपेटे में आये हैं।ड्ढr इनमें एक एइ को निंदन की सजा भी मिली है। उसकी सेवा दूसर विभाग में ले जाने को लंबे समय से कई नेता अनुशंसा कर रहे हैं।ड्ढr झारखंड के राजनेता ही नहीं बिहार के राजद नेता रमई राम ने भी पैरवी की है। सुभाष चंद्रा एनएच में थे। मसलिया ट्रांसफर हो गया। उन्हें बैक कराने के लिए रमई राम ने अनुशंसा की है। रमई ने कहा कि उचित आधार पर अनुशंसा की है। पार्टी के एक विधायक (बिहार) ने मुझसे कहा था। चंद्रा का ट्रांसफर डेढ़ साल में ही कर दिया गया।ड्ढr इसी तरह हरिचरण राक को दुमका ले जाने के लिए एक सांसद ने पैरवी की है। राजकिशोर प्रसाद का ट्रांसफर गिरिडीह से डालटनगंज हो गया। पुन: बैक होने के लिए सालखन सोरन ने पैरवी की है। सोरन का कहना है कि राजकिशोर प्रसाद की अनुशंसा की है, लेकिन प्रयास उन्हें ही करना है। इस बार में सचिव से पूछे जाने पर कहा कि सरकार के संकल्प के तहत ही छानबीन चल रही है।

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