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सुपौल में बाढ़ पीड़िता से जबर्दस्तीका प्रयास

राहत शिविर में रह रही एक बाढ़ विस्थापित महिला के साथ पुलिस के एक होमगार्ड जवान द्वारा जबर्दस्ती के प्रयास के बाद आक्रोशित बाढ़ पीड़ितों ने एनएच 106 को जाम कर दिया। सत्यदेव उच्च विद्यालय पिपरा स्थित शिविर के सामने ही एनएच 106 पर 11 घंटे के जाम को हटाने में प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ी। मिली जानकारी के अनुसार मजुरबा (त्रिवेणीगंज) निवासी पीड़िता अपने पति रामनंदन यादव, देवर अनंत यादव एवं गोतनी रखा देवी के साथ एक महीने से इस राहत शिविर में रह रही थी।ड्ढr ड्ढr बुधवार की सुबह करीब तीन बजे वह विद्यालय के बरामदे पर सोयी थी। पास में ही पति भी सोये थे। कैम्प में ही ड्यूटी पर तैनात एक होमगार्ड के जवान ने उसके साथ जबर्दस्ती करना चाही। उसके शोर करने पर पति, देवर, गोतनी आदि जाग गये। शिविर के अन्य लोग भी वहां जुट गये। उनलोगों ने उस जवान की वर्दी उतार ली एवं मारपीट करने लगे। माहौल गर्म होते देख कैम्प में तैनात अन्य जवान वहां पहुंचकर मामले को दबाने की कोशिश करने लगे। लेकिन पीड़ितों का उग्र रूप देखकर साथी जवानों ने लोगों को दोषी जवान को थाना ले जाने के लिए तैयार किया। साथ में केवल पीड़िता एवं उसके परिवार को ही जाने दिया। रास्ते में साथ गए जवानों ने पीड़ित महिला,उसके पति, देवर एवं गोतनी को राइफल के कुंदे से पीट कर दोषी जवान को छुड़ा ले भागे। जवानों की पिटाई से उक्त महिला के पति और देवर बुरी तरह घायल हो गये। कैम्प के लोगों ने उन दोनों घायलों एवं पीड़िता महिला को साथ लेकर सड़क जाम कर दी। पुलिस जवानों के प्रति इन लोगों का आक्रोश इतना ज्यादा था कि जब थानाध्यक्ष ब्रजेश कुमार पुलिस बल के साथ जाम स्थल पर पहुंचे तो लोग उन पर भी टूट पड़े। इन लोगों ने किसी तरह भागकर जान बचायी।ड्ढr ड्ढr एसडीओ हरिहर प्रसाद, डीएसपी शैशव यादव के आने बाद दोषी होमगार्ड जवान की शिनाख्त के लिए जवानों की परड करायी गयी। जिसमें से पांच जवानों को मारपीट करने के आरोपी के रूप में पहचान होने पर तत्काल जेल भेज दिया गया।

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  • Web Title: सुपौल में बाढ़ पीड़िता से जबर्दस्तीका प्रयास