DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

रेडी टु इट फूड प्रस्ताव को मंजूरी न देने की अपील

सामाजिक कार्यकर्ताआें, स्वास्थ्य विशेषज्ञों एवं अर्थशास्त्रियों ने गुरुवार को केन्द्र सरकार से एकीकृत बाल विकास सेवाआें (आईसीडीएस) के तहत देश भर के गरीब तबके के बच्चों को मुहैया कराए जाने वाले विवादित रेडी टु इट फूड ( डिब्बाबंद पका-पकाया भोजन प्रस्ताव) को मंजूरी नहीं देने का आग्रह किया है। इस प्रस्ताव पर शुक्रवार को केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में चर्चा होने की संभावना है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, विपक्षी दलों के नेताआें एवं सभी केन्द्रीय मंत्रियों को लिखे पत्र में कम वजन वाले एक करोड़ बच्चों और 20 लाख बच्चों को पांच वर्ष की उम्र के भीतर काल के गाल में समाने से बचाने के लिए राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य और पोषण कार्यक्रमों में बदलाव की मांग की गई। देश भर के आठ करोड़ बच्चों को दिए जाने वाले भोजन के रुप में महिला बाल विकास मंत्रालय के रेडी टु इट फूड प्रस्ताव पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए विशेषज्ञों ने कहा कि इस प्रस्ताव पर प्रधानमंत्री कार्यालय, योजना आयोग और उच्चतम न्यायालय पहले ही आपत्ति जता चुके हैं। इसके बावजूद इस प्रस्ताव पर वित्त विभाग के व्यय वित्त समिति (ईएफसी) की बैठक में मंगलवार को चर्चा हुई। हालांकि वित्त मंत्रालय के अधिकारियों के इसे मंजूरी नहीं देने की खबर है। उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने सात अक्टूबर 2004 को निर्देश दिया था कि बच्चों के लिए ताजा भोजन मुहैया कराने के वास्ते आईसीडीएस धन राशि, ग्राम समिति, स्वयं सेवी संस्थाआें, महिला मंडल से अनाज खरीदवाने और भोजन बनवाने पर व्यय होनी चाहिए। न्यायालय ने 13 दिसंबर 2006 को भी इस निर्देश को दोहराया था।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: रेडी टु इट फूड प्रस्ताव को मंजूरी न देने की अपील