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महंगी बिजली खरीदने को बोर्ड बाध्य

सूबे में बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए बिजली बोर्ड बाहर से महंगी बिजली खरीदने को बाध्य हो गया है। खासकर ईद, दशहरा को देखते हुए इस समय यूआई के तहत महंगी बिजली लेने का सिलसिला शुरू है। दीपावली और छठ के लिए भी बिजली बोर्ड को अतिरिक्त बिजली की जरूरत पड़ेगी। इस समय बिहार की मांग पीक समय में 2000 मेगावाट तक पहुंच गई है। सामान्य समय में भी उसे कम से कम 1500 मेगावाट की दरकार है। जबकि केन्द्रीय प्रक्षेत्रों से अधिकतम 00-1000 मेगावाट की ही आपूर्ति होती है।ड्ढr ड्ढr ऐसे में सामान्य मांग को ही पूरा करने के लिए उसे 500 मेगावाट अतिरिक्त बिजली की आवश्यकता है। सिर्फ राजधानी पटना को ही औसतन 350 मेगावाट की जरूरत है। इस समय पीक ऑवर में बोर्ड चार से दस रुपए प्रति यूनिट तक की दर से बिजली खरीद रहा है। महंगी बिजली खरीदने के कारण बिजली बोर्ड पर इस समय 50 करोड़ रुपए से अधिक बकाया है। बीते वित्तीय वर्ष में भी उसने 125 करोड़ रुपए की अतिरिक्त बिजली खरीदी थी। बिजली बोर्ड के अधिकारी बताते हैं कि इस वर्ष के अंत तक बोर्ड को महंगी बिजली खरीदने लिए 100 से 125 करोड़ रुपए खर्च करने पड़ सकते हैं। गत वर्ष सिर्फ ईद, दशहरा, दीपावली और छठ के लिए ही बिजली बोर्ड ने अपने मूल आवंटन से 15 करोड़ रुपए की अतिरिक्त बिजली खरीदी थी। इस समय केरल से 150 मेगावाट अतिरिक्त बिजली भी ली गई थी।

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