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राजभवन को रंग बिरंगे बल्बों से सजाया गया था।

मौलाना असगर मिसबाही ने कहा कि इसलाम दहशतगर्दी की सीख नहीं देता है। इसलाम धर्म दहशतगर्दी खत्म करने आया है। इसलाम अमन का पैगाम देता है। देश में इन दिनों धमाकों की जो घटनाएं हुई हैं, उसपर मुसलमान भी अफसोस करते हैं। लेकिन मुल्क में कुछ लोग मुसलमानों को बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं। जो ऐसा करते हैं, वो मुसलमान नहीं हो सकते हैं।ड्ढr यह बातें दो अक्तूब को उन्होंने हरमू रोड ईदगाह में ईद की नमाज अदा करने से पूर्व अपने तकरीर में कही। उन्होंने कहा कि आज मसलकों के नाम पर मुसलमान बंटे हुए हैं। इसलिए हम कमजोर हो गये हैं और अपने अधिकार से वंचित रह जा रहे हैं। अधिकार मांगने से नहीं मिलती है बल्कि लड़कर लेने से मिलता है।ड्ढr अगर मुसलमान एक हो जायें तो तख्त हिलाने की ताकत रखते हैं। उन्होंने कहा कि दहेा लेना इसलाम में हराम है। लड़कियों की तालिम पर इसलाम में बल दिया गया है। उन्होंने उर्दू के मसले पर भी अपनी तकरीर दी। नमाज अदा करने के बाद अमन की दुआ की गयी।ड्ढr

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  • Web Title: राजभवन को रंग बिरंगे बल्बों से सजाया गया था।