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जातीय हिंसा को लेकर केंद्र ने मांगी रिपोर्ट

उड़ीसा-कर्नाटक सरकारों के खिलाफ संविधान के अनुच्छेद 356 के तहत कार्रवाई करने के ऐलान से बचते हुए केन्द्र ने शुक्रवार को कहा कि वह नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कोई भी कदम उठा सकता है। केबिनेट की बैठक में प्रधानमंत्री ने गृहमंत्री शिवराज पाटिल को निर्देश दिया कि वह उड़ीसा और कर्नाटक की स्थिति के बारे में यथाशीघ्र समीक्षा नोट तैयार कर मंत्रिमंडल की बैठक में पेश करें। सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रियरंजन दासमुंशी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक के बाद संवाददाताआें के प्रश्नों के उत्तर में कहा कि केन्द्र सभी बातों पर विचार किए बिना संविधान के नाम पर कोई भी कार्रवाई नहीं कर सकता। लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि केन्द्र नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कोई भी कदम उठा सकता है। मंत्री से पूछा गया था कि क्या मंत्रिमंडल की बैठक में उड़ीसा में राष्ट्रपति शासन लागू करने पर विचार किया गया। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल ने उड़ीसा के खासकर कंधमाल जिले तथा कर्नाटक के कुछ हिस्सों में ईसाई विरोधी हिंसा पर गंभीर चिंता व्यक्त की। दासमुंशी ने कहा कि उड़ीसा सरकार ने स्थिति से निबटने के लिए जो कुछ किया है, उससे यादा करने की जरूरत है।

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