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आईसीसी-आईसीएल मीटिंग से उम्मीदें: मैकमिलन

यूजीलैंड के पूर्व आलराउंडर क्रैग मैकमिलन ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) और आईसीएल के प्रतिनिधियों के बीच अगले सप्ताह होने वाली बैठक का स्वागत करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इस बैठक में आईसीएल को लेकर चल रहा गतिरोध खत्म होगा। उन्होंने कहा कि आईसीएल, आईपीएल और वेस्टइंडीज की स्टेनफोर्ड लीग से अलग नहीं है और मुझे उम्मीद है कि आईसीसी के साथ बैठक में कोई न कोई हल जरूर निकल आएगा। उन्होंने श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड के आईसीएल के अपने खिलाड़ियों को घरेलू क्रिकेट में खेलने की अनुमति देने के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि अन्य क्रिकेट बोड़र्ों को भी श्रीलंका का अनुसरण करना चाहिए ताकि उनके आईसीएल के खिलाड़ी घरेलू क्रिकेट में खेल सकें। मैकमिलन ने माना कि कई खिलाड़ियों के आईसीएल में चले जाने के कारण न्यूजीलैंड की टेस्ट टीम कुछ कमजोर पड़ गई है। हालांकि उसकी एकदिवसीय टीम पहले जितनी ही बेहतर है। उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड की टेस्ट टीम इस समय पुर्नगठन के दौरे से गुजर रही है। लेकिन उन्हें उम्मीद है कि बंगलादेश के दौरे में न्यूजीलैंड की टीम टेस्ट और वनडे सभी में क्लीन स्वीप कर लेगी। आईसीएल के अपने अनुभव को शानदार बताते हुए इस आलराउंडर ने कहा कि हर टूर्नामेंट के साथ यह टूर्नामेंट लगातार बड़ा होता जा रहा है और उन्हें उम्मीद है कि इसे भी जल्द ही मान्यता मिल जाएगी। मैकमिलन का मानना है कि विश्व चैंपियन आस्ट्रेलिया के खिलाफ आगामी टेस्ट शंृखला में मेजबान भारत का पलड़ा निश्चित रूप से भारी रहेगा। मैकमिलन ने कहा कि आस्ट्रेलिया की टीम स्तरीय स्पिनरों के अभाव में भारतीय जमीन पर इस शंृखला में काफी दबाव में रहेगी जबकि भारत का कप्तान एवं अनुभवी लेग स्पिनर अनिल कुंबले तथा आफ स्पिनर हरभजन सिंह की मौजूदगी में पलड़ा भारी रहेगा। उन्होंने कहा कि यदि आपको भारतीय जमीन पर सफलता हासिल करनी है तो आपके पास निश्चित रूप से अच्छे स्तरीय स्पिनर होने चाहिए। लेकिन आस्ट्रेलियाई टीम शेन वार्न के संन्यास के बाद अभी तक कोई बढ़िया स्पिनर नहीं ढूंढ पाई है। इस दौरे में उसके पास जैसन क्रेजा ही एकमात्र स्पिनर हैं लेकिन उन्हें टेस्ट क्रिकेट का अनुभव नहीं है। दूसरे स्पिनर ब्रायस मैक्गेन इस दौरे से बाहर हो गए हैं। इंडियन क्रिकेट लीग (आईसीएल) में कोलकाता टाइगर्स की तरफ से खेल रहे 32 वर्षीय मैकमिलन से आस्ट्रेलियाई टीम के बेहतर तेज गेंदबाजी आक्रमण के बारे में पूछने कहा कि नहीं, ऐसा कुछ नहीं है। आस्ट्रेलिया और भारत दोनों के पास एक समान तेज गेंदबाजी आक्रमण हैं। फर्क केवल स्पिन गेंदबाजी का है जिसमें भारत बेहतर स्थिति में है। मैकमिलन ने कहा कि आस्ट्रेलियाई टीम के पास एंड्रयू साइमंडस भी नहीं हैं जो कम से कम बेहतर आफ ब्रेक फेंक सकते थे। मुझे लगता है कि माइकल क्लार्क को इस सीरीज में स्पिन गेंदबाजी का काफी भार उठाना पडेगा। भारत के सीनियर बल्लेबाजों के ऊपर दबाव के बारे में पूछने पर मैकमिलन ने स्वीकार किया कि सचिन तेंदुलकर, सौरभ गांगुली, राहुल द्रविड और वी वी एस लक्ष्मण जैसे सीनियर बल्लेबाजों पर इस सीरीज में काफी दबाव रहेगा। लेकिन आपको यह मानना चाहिए कि टेस्ट टीम में सीनियर खिलाड़ियों की बहुत जरूरत होती है। एकदिवसीय क्रिकेट में आप युवाआें पर भरोसा कर सकते हैं लेकिन टेस्ट में सीनियर खिलाड़ी आपकी जरूरत है और इस सीरीज में इसी कारण भारत का पलड़ा भारी रहेगा। उन्होंने कहा कि ये बल्लेबाज ऐसे हैं जो ढ़ेरों रन बना सकते हैं और ग्लेन मैकग्रा तथा शेन वार्न जैसे दिग्गज गेंदबाजों के बिना आस्ट्रेलियाई आक्रमण की धजियां उड़ा सकते हैं। इस सीरीज को क्रिकेट की बड़ी श्रंखलाआें में से एक बताते हुए मैकमिलन ने कहा कि आस्ट्रेलिया को अपने कप्तान रिकी पोंटिंग और आेपनर मैथ्यू हेडन से बडी पारियों की उम्मीद रहेगी ताकि वे बड़ा स्कोर खड़ा कर सकें। उन्होंने साथ ही कहा कि भारतीय स्पिनर आस्ट्रेलिया को दोनों पारियों में आउट करने की क्षमता रखते हैं जबकि आस्ट्रेलियाई आक्रमण ऐसा नहीं दिखाई देता है कि जो दोनोंपारियों में भारतीय पारी समेट सके। उन्होंने साथ ही कहा कि आस्ट्रेलिया को इस दौरे में लेफ्ट आर्म स्पिनर ब्यू कैसन को मौका देना चाहिए। जिन्होंने पिछले वेस्टइंडीज दौरे में आस्ट्रेलिया की तरफ से अच्छा प्रदर्शन किया था। पूर्व आलराउंडर ने अनिल कुंबले को शानदार कप्तान बताते हुए कहा कि वह अभी एक दो वर्ष तक टीम की कप्तानी बखूबी संभाल सकते हैं जबकि महेन्द्र सिंह धोनी अभी वनडे और ट्वेंटी20 के लिए ठीक हैं। उन्हें एक दो वर्ष तक टेस्ट कप्तानी के लिए तैयार किया जाना चाहिए।

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