अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

इंजीनियर-कंसट्रक्शन कंपनी को बचाना मुश्किल

पंचखेरो जलाशय योजना के निर्माण में गड़बड़ी करने वाली कंपनी और इंजीनियरों को बचाना अब सिंचाई मंत्री के लिए मुश्किल होगा। मंत्री ने इस मामले को विस की विशेष कमेटी की रिपोर्ट आने तक लटकाये रखा था। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। इसमें गड़बड़ी के लिए सीधे तौर पर कार्यपालक अभियंता को जिम्मेदार ठहराया गया है। निर्माण कार्य करने वाली कंपनी ज्योति कंसट्रक् शन के खिलाफ भी कार्रवाई की अनुशंसा की गयी है। भाजपा विधायक चितरांन यादव ने विधानसभा में यह मामला उठाया था। विधायक के मुताबिक कंपनी को ब्लैक लिस्टेड करने की अनुशंसा की गयी है। इइ को सस्पेंड करते हुए अधिक भुगतान की राशि भी रिकवरी करने की बात है। विधायक का कहना है कि अब इस मामले को और लटकाना ठीक नहीं।ड्ढr निर्माण कार्य में हुए घोटाले की जांच विभागीय उड़नदस्ता से करायी गयी थी। जांच रिपोर्ट में गड़बड़ी की बात सामने आयी थी और 7 लाख हाार 165.42 रुपये अधिक भुगतान किया गया है। यह मामला विस के बजट सत्र में (28 फरवरी) को उठा था। मंत्री ने आश्वासन दिया था कि जो भी दोषी होंगे, चाहे वह विभाग का इंजीनियर हो या अफसर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। सात महीने बाद आश्वासन पर कार्रवाई के बार में बताया गया कि फाइल उच्चस्तर पर कार्रवाई के लिए उपस्थापित की गयी है।ड्ढr इसी मामले में जांच के लिए विस की विशेष कमेटी का गठन किया गया है। प्रतिवेदन प्राप्त होने पर आगे की कार्रवाई होगी। विस में विधायक ने मामले को उठाते हुए निगरानी जांच की रिपोर्ट पर कार्रवाई को कहा था। मंत्री के जवाब से विपक्ष संतुष्ट नहीं था। विधायक और मंत्री आमने-सामने हो गये थे। अब विस कमेटी ने भी इंजीनियर ठेकेदार की हेराफेरी उाागर कर दी है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: इंजीनियर-कंसट्रक्शन कंपनी को बचाना मुश्किल