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उड़ीसा को गुजरात बनाने की साजिश : दीपंकर

भाकपा माले के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा है कि विहिप तथा बजंरग दल पर प्रतिबंध लगे। उड़ीसा को गुजरात बनाने की साजिश का पर्दाफाश जरूरी है। उड़ीसा सरकार सात दिन के अंदर विहिप तथा बजरंग दल के दंगाइयों को गिरफ्तार नहीं करती है, तो धारा 355 लगाकार उसे बर्खास्त किया जाये। उड़ीसा के कंधमाल से कर्नाटक तक ईसाई समुदाय पर हो रहे हमलों के खिलाफ देशव्यापी कार्यक्रम के तहत माले ने रांची में भी प्रतिवाद मार्च निकाला। भट्टाचार्य ने कहा कि परमाणु करार के नाम पर एक तरफ देश को अमेरिकी हाथों गिरवी रखा जा रहा है, वहीं देश के अंदर आतंकवाद-धर्मांतरण का हौवा खड़ा कर अल्पसंख्यकों पर हमले किये जा रहे हैं। जो देश के लोकतंत्र तथा धर्मनिरपेक्षता पर सीधा हमला है।ड्ढr माले नेता ने कहा कि ईसाई समुदाय पर हमले भाजपा तथा संघ परिवार की सुनियोजित साजिश है। ऐसी स्थिति में केंद्र सरकार का मौन रहना उसके चरित्र को उाागर करता है। झारखंड में भी ऐसी परिस्थितियां तैयार की जा रही हैं। इसके लिए सतर्क रहना होगा।ड्ढr इस मौके पर प्रख्यात मानवाधिकार कार्यकर्ता फादर स्टेन स्वामी ने सरकार की नीति तथा सुरक्षा पर सवाल खड़ा किये। कहा कि सरकार की नीति के कारण ही ईसाइयों को अपने ही देश में शरणार्थी बनने को विवश कर दिया है। यह चिंता का विषय है। उन्होंने सांप्रदायिक फासीवाद के खिलाफ जनता की व्यापक गोलबंदी और लोकतांत्रिक-सामाजिक शक्ितयों की एकाुटता पर जोर दिया।ड्ढr सामाजिक कार्यकर्ता बलराम ने कहा कि ऐसे हमले सरकार प्रायोजित हैं। प्रतिवाद सभा का संचालन माले के प्रवक्ता जेपी मिंज ने किया। मार्च में राज्य सचिव जनार्दन प्रसाद, राजाराम, शुभेंदु सेन, बहादुर उरांव, एपवा की प्रदेश सचिव सुनीता, अनंत प्रसाद गुप्ता, अनिल अंशुमन, अनिता गाड़ी, सुनील मिंज, सत्यप्रकाश, शांति सेन, सिनगी खलखो, सुखदेव मुंडा, भीष्म महतो आदि शामिल थे।

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