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अब देसी डॉक्टरों का भी वन-टाइम रचिास्ट्रेशन

र्जी डाक्टरों का निबंधन अब मुश्किल होगा। सरकार ने आयुव्रेदिक, यूनानी एवं होमियोपैथिक डाक्टरों का वन-टाइम रजिस्ट्रशन कराने का फैसला किया है। ऐलोपैथिक डाक्टरों की तरह अब देसी विधा के इन डाक्टरों का भी एक ही बार निबंधन होगा। डिग्री प्राप्त करने के बाद ‘बिहार राज्य आयुव्रेदिक एवं यूनानी चिकित्सा परिषद’ और ‘बिहार राज्य होम्योपैथिक चिकित्सा बोर्ड’ में डाक्टरों को निबंधन का नवीकरण कराने से मुक्ित मिलेगी। साथ ही इस मद में खर्च की जाने वाली राशि से भी छुटकारा मिलेगा।ड्ढr ड्ढr राज्य सरकार को इसका दोहरा लाभ मिलेगा। एक तो देसी विधा के डाक्टरों की सही संख्या प्राप्त करने में आसानी होगी। दूसरी तरफ निबंधन नवीकरण के नाम पर हर साल होने वाले विवाद से मुक्ित मिलेगी। स्वास्थ्य मंत्री नन्दकिशोर यादव ने कहा कि बिहार राज्य होम्योपैथिक चिकित्सा बोर्ड के पुनर्गठन के बाद उन्होंने बोर्ड को सबसे पहले इसी कार्ययोजना पर अमल करने का निर्देश दिया है। इसी महीने बोर्ड की होने वाली बैठक में निर्णय लिये जाने की संभावना है। बिहार राज्य आयुव्रेदिक एवं यूनानी चिकित्सा परिषद को भी शीघ्र ही इस पर अमल करने का निर्देश दिया जाएगा। दरअसल 1500 देसी डाक्टरों की बहाली का फच्चर फंस जाने से सरकार को यह रास्ता अपनाने की जरूरत पड़ी। सरकार की इच्छा जल्द से जल्द देसी डाक्टरों की बहाली कर उन्हें दूर-दराज के इलाकों में पदस्थापित करने की है। इससे ग्रामीण मरीजों में मुफ्त देसी दवाओं का वितरण किया जा सकेगा। पर होमियोपैथिक विधा में कई तरह की डिग्री होने के कारण बहाली का मामला कोर्ट में चला गया। सरकार कोर्ट के निर्णय का इन्तजार कर रही है। आगे से ऐसी नौबत नहीं आये इसके लिए सरकार ने देसी डाक्टरों का भी अब एक ही बार निबंधन कराने का निर्णय किया है।

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