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सहरसा में हचाारों क्िवंटल आलू सड़ा

ोसी की प्रलयकारी बाढ़ से कंगाल हो चुके किसानों पर एक और वज्रपात हुआ। सहरसा के कोल्ड स्टोरा में रखे साल भर की कमाई की मूल पूंजी आलू सड़ कर बर्बाद हो गया। कोसी प्रमंडल के विभिन्न क्षेत्रों से बिस्कोमान के कोल्ड स्टोरा पहुंच रहे किसान अपना सड़ा आलू देख सिर पकड़ बैठ गये हैं। जानकार सूत्रों का कहना है कि 1 करोड़ से अधिक मूल्य का आलू सही ढंग रख-रखाव के अभाव में सड़ गया। आलू सड़ने की जानकारी बिस्कोमान कर्मियों को तब लगी जब सड़न जसी गंध निकलने लगी। कोल्ड स्टोरा में लगे तीन कम्प्रेशर मशीनों में से एक मशीन 16 सितम्बर को तो दूसरा 18 सितम्बर को खराब हो गया। हालांकि खराब कम्प्रेशर में एक को एक सप्ताह के अंदर ठीक कर लिया गया लेकिन तब-तक देर हो चुकी थी। हालांकि प्रबंधक धीरन्द्र कुमार आलू सड़ने का कारण कम्प्रेशर का खराब होना नहीं मान रहे हैं।ड्ढr ड्ढr प्रबंधक का कहना है कि प्रतिवर्ष जुलाई-अगस्त के बाद से ही कोल्ड स्टोरा से आलू निकलना शुरू हो जाता था लेकिन इस बार अगस्त में बाढ़ आने के बाद एक भी किसान आलू लेने नहीं आये। स्टोरा से आलू नहीं निकलने के कारण टेम्प्रेचर काफी बढ़ गया।1सितम्बर की तारीख में किसानों के नाम छापे गये और 25 सितम्बर को डाक से भेजे गये अंतरदेशी पत्र के माध्यम से सूचना तो दी गयी है लेकिन तबतक सब कुछ बर्बाद हो चुका। मिली जानकारी के अनुसार कोल्ड स्टोरा में रखे 40 हाार क्िवंटल आलू उन किसानों के हैं, जिनकी सारी सम्पत्ति पहले ही कोसी की बाढ़ में बह चुकी है। 500 किसानों में अधिकांश मधेपुरा के मुरलीगंज, कुमारखंड, बिहारीगंज, उदाकिशुनगंज, सिंघेश्वर, शंकरपुर, सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज, पिपरा के हैं जिनकी एक मात्र बची पूंजी आलू ही थी जो भी डूुब गयी । रविवार को आलू लेने सहरसा पहुंचे कुमारखंड के रामनगर बेला के अजित कुमार झा ने कहा कि 450 पैकेट आलू शीतगृह में रखा था जो सड़ गया। लालपट्टी त्रिवेणीगंज के विष्णुदेव यादव, पिपरा अमहरा त्रिवेणीगंज के वीरन्द्र मंडल, झरकाहा मधेपुरा के बिन्देश्वरी साह, स्थानीय शिवपुर के परमानंद गुप्ता जसे सैकड़ों किसानों की किस्मत फूट गयी है।

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  • Web Title: सहरसा में हचाारों क्िवंटल आलू सड़ा