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प्यासे के पास पहुंचा कुआं

ुआँ खुद चलकर प्यासे के पास आया। रविवार को श्रीकृष्ण मेमोरियल हाल में ऐसा ही हुआ। मौका था अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को सरकारी योजनाओं की सहायता राशि प्रदान करने का। रूमी खातून का नाम पुकारा गया और मंच से उतरकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार चल दिये। किसी की कुछ समझ में नहीं आया। हॉल में उपस्थित लोगों के अलावा मीडिया और अधिकारीगण भी पशोपेश में। सुरक्षाकर्मियों के माथे पर पसीने की बूंदें अलग चुहचुहा उठीं।ड्ढr ड्ढr अचानक मुख्यमंत्री के कदम भीड़ में बैठी एक महिला के पास जाकर रुक गए। सबकी जान में जान आई। कुछ लोग शायद माजरा समझ चुके थे। तभी भीड़ से आवाज आई- भई मत पूछो, यह (नीतीश कुमार) सिंगल पीस हैं! वस्तुत: रूमी खातून उस महिला का नाम है, जो शरीर से लाचार है। उसे सरकारी योजना के तहत सहायता राशि देनी थी। नाम पुकार जाते ही उसने इशारा कर दिया कि वह चल नहीं सकती। उसके इशार पर किसी की नजर नहीं पड़ी लेकिन मुख्यमंत्री की पड़ गई। लिहाजा वह स्वयं चेक लेकर उसके पास पहुंच गए। कुछ ऐसी ही दास्तान जोखू मियां की भी है लेकिन इस बार सबकी निगाहें सतर्क थीं। हां, कश्मीर में हैं आतंकी:जरदारीड्ढr न्यूयॉर्क (प्रेट्र)। पाकिस्तान ने पहली बार माना है कि जम्मू-कश्मीर में सक्रिय लड़ाके आतंकवादी हैं। उसने यह भी कहा है कि पाकिस्तान के लिए भारत कोई खतरा नहीं है। गौरतलब है कि पाकिस्तान अब तक कश्मीर में सक्रिय आतंकवादियों को ‘स्वतंत्रता सेनानी’ कहता आया है। खासकर पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ इस जुमले का बार-बार इस्तेमाल करते रहे हैं। लेकिन पहली बार पाक राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने बिल्कुल नया और अहम रवैया अपनाते हुए कहा है कि जो गुट जम्मू-कश्मीर में सक्रिय हैं, वे आतंकवादी हैं। जरदारी ने यह बात ‘वाल स्ट्रीट जनरल’ को दिए एक इंटरव्यू में कही। उनका यह भी मानना था कि पाकिस्तान के लिए भारत कभी खतरा नहीं रहा और मुल्क मौजूदा लोकतांत्रिक सरकार भारत के बढ़ते अंतरराष्ट्रीय रसूख से बिल्कुल भी विचलित नहीं है।

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