DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

भव्य पंडालों का हो रहा दीदार..

मां तो मां है..ममतामयी, वात्सल्य छलकाती। मां इस शारदीय नवविहान में अपनी संपूर्ण सत्ता के साथ अवतरित हो चुकी हैं। पट खुले तो अलौकिक सौंदर्य का विहंगम दृश्य बिखर गया है। पूजा पंडालों में सजा है मां का दरबार। मां जगदंबे अनंत धरा पर उतर आयी हैं। माटी से बनी मूरत में आत्मीय संवेदना जीवंत कर मां अपने भक्तों को पुकार रही हैं। माटी में जान फूं कने वाले कलाकारों की बेहतरीन हुनरमंदी पर देवशिल्पी भगवान विश्वकर्मा का परम आशीष साक्षात मूर्त होता दीख रहा है। हर ओर उल्लास का वातावरण है। जिधर नजर दौड़े, उधर दिव्य-भव्य पंडाल। पंडाल के अंदर मां का मनोहारी रूप। दूर्गा बाटी में पारंपरिक विधि-विधान से पूजा प्रारंभ हो चुकी है। भारतीय युवक संघ बकरी बाजार, अपर बाजार ने इस बार तिरुमला पर्वत के ऊपर स्थित तिरुपति बालाजी मंदिर की अनुकृति बनायी है। पीतल के पत्तरों से इतनी सुंदर नक्काशी से स्वर्ण आभा फूट रही है। झरने का भी निर्माण किया गया है। रातू रोड स्थित आरआर स्पोटिर्ंग क्लब के पंडाल में छोटे-छोटे कांच और मोतियों से सजाकर शीश महल की आकृति देने की कोशिश की जा रही है। पंडाल के अंदर दीवारों में कांच और मोतियों से बने विभिन्न देवी-देवताओं की प्रतिमा है। हरमू स्थित पंच मंदिर दुर्गा पूजा समिति द्वारा बनाया गया पंडाल उज्जन के महाकालेश्वर मंदिर का प्रारूप है। मेन रोड स्थित चंद्रशेखर आजाद दुर्गा पूजा समिति का पंडाल कनार्टक के बौद्ध मंदिर के प्रारूप पर बना है। मां की मूर्ति नाव पर स्थित है जो तालाब में तैर रही है। सरकारी बस स्टैंड स्थित आदर्श दुर्गा पूजा समिति ने मैसूर महल का प्रतिरूप तैयार किया है। नार्थ मार्केट, ढिबरी बाजार स्थित कला संघ का पंडाल काल्पनिक है महाभारत के प्रसंग के अनुरूप। कचहरी स्थित संग्राम क्लब का पंडाल काल्पनिक है। विद्युतचालित दृश्यों द्वारा 30 फीट की ऊंचाई पर स्टेज बनाकर मां दुर्गा को महिषासुर का वध करते हुए दिखाया गया है। कोकर स्थित कोकर दुर्गा पूजा समिति ने पंडाल में लाइट की सहायता से टाइटेनिक जहाज को दिखाया है। हर वर्ष की तरह यहां की विद्युत -सज्जा आकर्षण का केंद्र है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: भव्य पंडालों का हो रहा दीदार..