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नदी जल के अधिकतम उपयोग की बन रही योजना

झारखंड की नदियों के जल के अधिकतम उपयोग और बेहतर प्रबंधन के लिए अंतर बेसिन जल स्थानांतरण की संभावनाओं पर राज्य सरकार काम कर रही है। राज्य सरकार ने तीन नदी बेसिनों को आपस में जोड़ने के तीन प्रस्ताव पर फिािबिलिटी रिपोर्ट तैयार करने का राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण से आग्रह किया है। इन तीनों प्रस्ताव पर नेशनल वाटर डेवलपमेंट अथॉरिटी द्वारा प्रारंभिक फिािबिलिटी रिपोर्ट तैयार की जा रही है।जल संसाधन विभाग ने विधायक सरयू राय द्वारा विधानसभा में उठाये गये एक प्रश्न पर की जा रही कार्रवाई के बार में सदन में पक्ष प्रस्तुत किया था। सरकार का तर्क था कि राज्य में हाल के वर्षो में नये मेगा उद्योग स्थापित करने के प्रस्ताव में अप्रत्याशित वृद्धि होने से विभिन्न नदी बेसिनों में औद्योगिक जल की मांग में बढ़ोत्तरी हुई है। इसके अलावा भविष्य में सिंचाई, पेयजल, आदि परिक्षेत्रों में जल की बढ़नेवाली मांग को पूरा करने के उद्देश्य से राज्य के अंतर्गत तीन नदी बेसिनों को आपस में जोड़ने के प्रस्ताव पर काम चल रहा है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि गंगा-दामोदर स्वर्णरखा लिंक की संभाव्यता रिपोर्ट तैयार करने के लिए राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण काम शुरू कर चुका है।ड्ढr क्या हैं प्रस्तावड्ढr सरकार की ओर से रखे गये तीन प्रस्तावों में शंख नदी बेसिन के अतिरिक्त जल को साउथ कोयल नदी बेसिन से जोड़कर इसमें स्थानांतरित करने का प्रस्ताव है। साथ ही साउथ कोयल नदी बेसिन के अतिरिक्त जल को स्वर्णरखा बेसिन से जोड़कर इसमें स्थानांतरित करना तथा दामोदर-बराकर नदी बेसिनों के अतिरिक्त जल को स्वर्णरखा बेसिन से जोड़कर स्थानांतरित करने का प्रस्ताव है। ं

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