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राजग की पीड़ा: एक को मनाओ तो दूजा रूठ जाता है

. . .एक को मनाओ तो दूजा रूठ जाता है! सत्तारूढ़ राजग में इन दिनों यही चल रहा है। कभी जद यू वाले मंत्री भाजपा के विधायक से तो कभी भाजपा वाले मंत्री जद यू के विधायक से उलझ रहे हैं। तनाव का आलम बरकरार! सरकार बनते ही पहला विवाद पूर्व मंत्री जनार्दन सिंह सीग्रीवाल और जद यू विधायक राम प्रवेश राय के बीच हुआ। मंत्री के साथ र्दुव्‍यवहार का मुद्दा उठाकर श्री सीग्रीवाल थाने में ही धरने पर बैठ गए। दल के वरिष्ठ नेताओं ने गठबंधन धर्म का हवाला देकर किसी तरह उनको मनाया।ड्ढr ड्ढr हालांकि अपमान की कसक अब भी उनके दिल में है। इसके बाद विधायक फाल्गुनी प्रसाद यादव और खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री नरन्द्र सिंह के बीच मंच पर हुई धींगा-मस्ती में श्री यादव की टांग टूट गई। मानसिक और शारीरिक कष्ट से आहत श्री यादव ने जद यू नेता नरन्द्र सिंह को मंत्रिमंडल से हटाने की मांग को लेकर आत्मदाह की घोषणा कर दी। उन्होंने न सिर्फ प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राधामोहन सिंह को पत्र लिखकर विधायकी छोड़ने की धमकी दी बल्कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लिखे पत्र में सुशासन को भी कटघर में खड़ा कर दिया।ड्ढr ड्ढr जब किसी के मनाने पर वह नहीं माने तो भाजपा विधायक दल के नेता और उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी उनको लेकर दिल्ली राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह के दरबार में गए। वहां ऊंच-नीच समझाए जाने पर श्री यादव ने ‘मरना’ कैंसिल किया। यह मामला अभी शांत ही पड़ा था कि नगर विकास मंत्री भोला सिंह और जद यू विधायक राम प्रवेश राय का नया ‘फच्चर’ सामने आ गया। दोनों में वाक्युद्ध अभी जारी है। यहां गौर करने लायक यह भी है कि सीग्रीवाल और फाल्गुनी के मामले तो उनके अपने-अपने क्षेत्र से जुड़े थे लेकिन भोला सिंह और राय हालांकि एक क्षेत्र के नहीं हैं फिर भी उलझ गए हैं।

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