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यूएस मंदी में डूबे भारतीय परिवार ने जान दी

अमेरिका में छाए वित्तीय संकट की मार यहां एक भारतीय परिवार पर भी पड़ी। शेयर बाजार में जबर्दस्त घाटे के बाद बेरोगार हो गए भारतीय मूल के एक वित्तीय सलाहकार ने अपने परिवार के पांच सदस्यों की जान लेने के बाद खुद को भी गोली मार ली। मरने वालों में कार्तिक राजाराम (45), उसकी पत्नी, तीन बच्चे और सास शामिल हैं। लास एंजिल्स टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक प्रशासन का मानना है कि राजाराम शेयर मार्केट में हुए घाटे के बाद यह कदम उठाने को विवश हुआ। राजाराम एक एमबीए था और एक समय उसने लंदन के वेंचर में इन्वेस्ट करके 12 लाख अमेरिकी डॉलर तक कमाए थे। कार्तिक राजाराम को अपने पोर्टर रैंच स्थित घर में पत्नी सुबासरी (30 वर्षीय सास और तीन बच्चों कृष्ण (1गणेश (12) और अजरुन (7) के साथ मृत पाया गया। पुलिस का मानना है कि यह परिवार के अन्य सदस्यों की हत्या के बाद आत्महत्या का मामला लगता है। राजामार ने 16 सितंबर को ही एक गन खरीदी थी। राजाराम ने दो सुसाइड नोट के साथ आखिरी वसीयत भी छोड़ी है। माना जा रहा है कि उसने शनिवार रात से रविवार सुबह के बीच किसी समय परिवार के सदस्यों की जान लेने के बाद खुद को गोली मार ली। लास एंजिल्स पुलिस विभाग में उप प्रमुख माइकल मूर ने बताया कि राजाराम पिछले कुछ समय से गंभीर आर्थिक संकट में फंस गया था। उसने सुसाइड नोट में इस सबके के लिए खुद को ही जिम्मेदार ठहराया है। मूर के मुताबिक राजाराम प्राइस वाटर हाउस और सोनी पिक्चर्स के काम कर चुका था। उधर मौजूदा वित्तीय संकट में संयुक्त राष्ट्र की भूमिका की भारत ने कड़ी आलोचना की है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून की सालाना रिपोर्ट पर चर्चा के दौरान भारत के राजदूत निरुपम सेन ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने वित्तीय संकट के बावजूद कोई कदम नहीं उठाया जबकि इसका प्रतिकूल असर विकासशील देशों पर पड़ रहा है। भारत ने इस विश्व संस्था से कहा कि वह वित्तीय संकट के समाधान के समन्वय के लिए वह अपनी पहुंच का इस्तेमाल कर। मौजूदा वित्तीय संकट से उबरने के लिए यह बेहद आवश्यक है।

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