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मेले में भीड़ कम छोटे दुकानदार परशान

दुर्गापूजा मेले में इस साल अपेक्षाकृत भीड़ कम है। इससे पूजा के आयोजक और छोटे दुकानदार परशान हैं। सप्तमी से भक्तों का रला निकलता है, पर इस साल सप्तमी को भीड़ पिछले वर्ष की तुलना में एक चौथाई रही। महाअष्टमी को भी रात में घूमने वालों की संख्या कम रही। इस संबंध में हिन्दुस्तान ने ट्रांसपोर्टरों और दुकानदारों से बातचीत की।ड्ढr गौतम कपूर : कोकर में खिलौने की दुकान लगाने वाले गौतम कपूर कहते हैं कि पिछले साल की तुलना में सप्तमी को बिक्री आधे से भी कम हुई। रात 12 बजे उन्होंने दुकान समेट ली।ड्ढr गोपाल वर्मा : कोकर स्थित माहेश्वरी स्वीट्स के गोपाल वर्मा कहते हैं कि वह भी दस साल से दुर्गापूजा मेले में दुकान लगा रहे हैं। इस साल सप्तमी को बिक्री सबसे कम रही।ड्ढr मनोज कुमार : ट्रांसपोर्टर मनोज कुमार कहते हैं कि हर साल ग्रामीण क्षेत्र से हाारों लोग मां के दर्शन को आते थे। इससे टेंपो, जीप, बस आदि में पैर रखने की जगह नहीं मिलती थी, लेकिन इस साल वैसी बात नहीं है।ड्ढr विश्वनाथ कुमार : कोकर के साधु मैदान में विश्वनाथ स्टुडियो चलाने वाले विश्वनाथ कहते हैं कि 1500 रुपये किराये पर स्टॉल लिया है। दर्शनार्थियों की कमी के कारण स्टाल का किराया निकालना भी मुश्किल जान पड़ रहा है।ड्ढr बबलू गोस्वामी : पिछले साल से कोकर में कास्मेटिक्स की दुकान लगा रहे हैं। कहते हैं कि उनकी दुकान में महिलाओं की भीड़ लगी रहती थी, लेकिन इस साल वह बात नहीं।ड्ढr मिथिलेश : ठेले पर गुपचुप और चाट बेचने वाले मिथिलेश कहते हैं कि बाजार बड़ा मंदा है। तीन साल से ठेला लगा रहे हैं। ऐसी खराब स्थिति कभी नहीं देखी।

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