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‘बिहार के लिए उर्वरकों के दो बफर स्टॉक बनें’

राज्य में खाद की किल्लत दूर करने के लिए स्थाई व्यवस्था करना चाहती है सरकार। आवंटित खाद की पूरी आपूर्ति के बावजूद राज्य में इसके लिए मारामारी होती है। कृषि मंत्री नागमणि ने इसके कारणों की समीक्षा कर इससे निपटने के लिए केन्द्र सरकार को कई सलाह दी हैं। मंत्री के अनुसार पेंच आपूर्ति के लिए निर्धारित समय को लेकर फंसता है। कृषि मंत्री ने केन्द्र को सलाह दी है कि राज्य में उत्तर बिहार और दक्षिण बिहार क्ष्ेत्रों के लिए उर्वरकों के दो बफर स्टॉक बनाये जायें। इसके लिए कंपनियों को भी चिह्न्ति कर देना चाहिए।ड्ढr ड्ढr इससे किसानों को बुआई के समय खाद के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा है कि फास्फेटिक और पोटाशिक खादों की पूरी आपूर्ति अक्टूबर से दिसंबर तक कर दी जाये। अक्टूबर और नवम्बर में इन खादों की अधिक मात्रा राज्य को दी जाये। इससे रबी फसल की बुआई समय पर हो पायेगी और किसानों को परशानी भी नहीं होगी। रबी मौसम में बुआई का काम 15 अक्टूबर से 31 दिसम्बर तक चलता है। इन तीन महीनों में ही फास्फेटिक और पोटाशिक खादों की सर्वाधिक खपत होती है। केन्द्र से इन खादों की बड़ी खेप बुआई के अंतिम समय में पहुंचती है। लिहाजा राज्य में खाद की किल्लत हो जाती है। ऐसे में अगर दो बफर स्टॉक हो जायें तो इस समस्या से निजात पाई जा सकती है।

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  • Web Title: ‘बिहार के लिए उर्वरकों के दो बफर स्टॉक बनें’