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एक्िचाट पोल पर प्रतिबंध को ले सरकार गंभीर

देश में आम चुनावों का वक्त नजदीक आते देख अब सरकार एक्िाट पोल और ओपिनियन पोल के धंधे पर प्रतिबंध लगाने पर गंभीर हो गई है। कुछ हफ्तों में इस प्रस्ताव को दूसरी बार प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में होने वाली मंत्रिमंडल की बैठक में लाया जा रहा है। पिछले कई सालों से आम चुनावों से पहले और दौरान करवाए गए विभिन्न एक्िाट और ओपीनियन पोल कई बार विवाद का विषय बनते रहे हैं और इन पर वोटरों को प्रभावित करने से लेकर गलत नतीजों का महिमामंडन करने जसे आरोप लगते रहे हैं।ड्ढr ड्ढr सूत्रों के अनुसार, इन पर प्रतिबंध लगाने का मामला फिर से बुधवार को कैबिनेट के विचाराधीन होगा। कुछ हफ्ते पहले भी यह प्रस्ताव कैबिनेट के सामने लाया जाने वाला था लेकिन इसे किसी वजह से रोक लिया गया था। माना जा रहा है कि सरकार ने इससे संबंधित मूल प्रस्ताव में कुछ संशोधन किया है। इस उद्देश्य से सरकार संविधान के जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 126 में संशोधन कर सकती है। इसके बाद जब चुनाव आयोग देश में आम चुनाव या राज्यों में विधानसभा चुनावों की घोषणा करगी तो चुनावों की घोषणा तारीख से लेकर अंतिम वोट डाले जाने तक, किसी संस्था या व्यक्ित द्वारा एक्िाट पोल या ओपीनियन पोल करना और इसका सार्वजनिक प्रसारण पूरी तरह प्रतिबंधित हो जाएगा। पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में 1में हथियार गिराए जाने के विवादास्पद मामले को निबटाने में केन्द्र सरकार फिर से सक्रिय हो रही है। विदेश मंत्रालय इसके मुख्य आरोपी किम डेविस के प्रत्यार्पण के लिए मौजूदा कानूनों में कुछ संशोधन पर विचार कर रही है। आंध्रप्रदेश, कर्नाटक, केरल और महाराष्ट्र के उन इलाकों में जहां किसानों द्वारा आत्महत्याओं के कई मामले आए हैं, केन्द्र सरकार अपने पुनर्वास पैकेा में कुछ बदलाव करने वाली है।

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