DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

मेला बोले तो जयकार-चाट, पकौड़े और गुब्बार

शक्ित की अधिष्ठात्री देवी दुर्गा के आठवें स्वरूप महागौरी की दिव्य दीप्ति से आलोकित राजधानी मंगलवार को दुर्गालय में तब्दील हो गई। चहुंओर मां के जयकार, भजनों द्वारा गुहार- मनुहार। और, सबसे बढ़कर लोगों के सिर चढ़कर बोलती मां भगवती के प्रति आस्था। पूर शहर में दुर्गा मंदिरों, पंडालों के बाहर महागौरी के दर्शन को भक्तों का रला। शक्ितपीठों में तड़के से लेकर देर रात तक भीड़ तो पूजा पंडालों और सड़कों पर मंगलवार की शाम से लेकर बुधवार को सूर्य के आगमन तक अनवरत मां दुर्गा को नमन करते लोग।ड्ढr ड्ढr वैदिक ऋचाओं, श्लोकों, मंत्रोच्चार की अनुगूंज के मध्य धूप-दीप से महकता माहौल। कोई छोटा-बड़ा नहीं, मां के दरबार में सभी बराबर। कदमताल करते हुए लगाई हाजिरी। बड़ी-बड़ी गाड़ियां, दोपहिये और रिक्शा-आटो भला इस भीड़ में कहां समाने वाले थे। राजधानी की तमाम मुख्य व शाखा सड़कें तथा गली मोहल्लों में लगा मेला। चाट-पकौड़ी, जलेबी, खिलौनों की दुकानें दशहरा मेले को पुख्ता करतीं। गुब्बार, चश्मे, टोपियां, स्प्रिंग पर कूदते बंदर, भौंकते चाइनीज खिलौने, आइसक्रीम वाले बहादुर की गाड़ी ने बच्चों को खूब लुभाया। वैसे फास्टफूड पर जलेबी ने आंखें तररी और डिमांड में यह टॉप पर रही। शाम गहराने के बाद सपरिवार देवी दर्शन को निकलने वालों की तादाद अधिक रही। अबकी पूजा में भव्य पंडाल और रोशनी की सजावट का आकर्षण भी अन्य सालों की अपेक्षा अधिक रहा। रोशनी की जगमग से लेकर मूर्तियों की सजावट तक में पूजा समितियों की होड़ से देवी दुर्गा के अनेक रूपों के दर्शन भक्तों को हुए। पटना सिटी, गायघाट, जीएम रोड, कदमकुआं, डाकबंगला, स्टेशन रोड, बुद्धमार्ग, बोरिंग रोड, श्रीकृष्णापुरी, गर्दनीबाग, खाजपुरा, जगदेव पथ, मछुआटोली और बंगाली अखाड़ा का आकर्षण इतना था इन स्थानों की दूरी भक्तों ने कैसे पैदल तय कर ली, पता ही नहीं चला। मीनाक्षी मंदिर, मंजीर पैलेस, महाकालेश्वर मंदिर, बीजिंग का चाइनीज टेंपल, बौद्ध मंदिर, अमरनाथ गुफा आदि की गगनचुम्बी बनावट तथा रोशनी की चांदनी में पैदल चलते भक्तों का रला दशहरे के माधुर्य को अनवरत साबित करते रहे।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: मेला बोले तो जयकार-चाट, पकौड़े और गुब्बार