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बाजार में और पूंजी बढ़ाई जा सकती है: चिदम्बरम

वित्त मंत्री पी चिदम्बरम ने कहा है कि जरुरत पड़ने पर सरकार वित्तीय बाजार में तरलता बढ़ाने के लिए और उपाय करने के लिए तैयार है। चिदम्बरम ने बुधवार को संवाददाताआें से बातचीत में कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो बाजार में तरलता बढ़ाने के लिए सरकार और उपाय करेगी। देश के शेयर बाजारों में दहशत का माहौल है और बुधवार को कारोबार के दौरान बम्बई शेयर बाजार (बीएसई) का सेंसेक्स दो वर्ष के अंतराल के बाद 11 हजार अंक से नीचे चला गया। उधर अंतर बैंकिंग विदेशी मुद्रा बाजार में डालर के मुकाबले रुपए पर भी भारी दबाव है और करीब छह वर्ष के बाद एक डालर की कीमत 48 रुपए से ऊपर निकल गई है। विदेशी संस्थान लगातार बिकवाली कर रहे हैं और करीब दस अरब डालर की निकासी कर चुके हैं। पिछले साल विदेशी संस्थानों ने 17 अरब 40 करोड डालर का निवेश किया था। चिदम्बरम ने उम्मीद जताई कि निवेशक बाजार में जल्दी ही लौटेगें। रिजर्व बैंक ने सोमवार को अचानक लिए गए फैसले में बैंकों के नगद सुरक्षित अनुपात (सीआरआर) में आधा प्रतिशत की कटौती कर इसे साढ़े आठ प्रतिशत कर दिया था। यह कटौती 11 अक्टूबर से लागू होगी और इसके परिणामस्वरूप बैंकिंग तंत्र में बीस हजार करोड़ रुपए की तरलता बढ़ जाएगी। इसके अलावा सरकार ने कंपनियों द्वारा विदेशी उधारी के नियमों को भी सरल बनाया है। उधर शेयर बाजारों की नियामक संस्था भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने विदेशी संस्थानों के अप्रत्यक्ष निवेश पार्टिस्पिटरी नोट्स पर लगी रोक को भी हटा लिया है। सेबी ने यह रोक पिछले साल लगाई थी।

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