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परमाणु कंपनियों को उपकरण देने की होड़

भारत-अमेरिका परमाणु करार पर मोहर लगने से पहले ही भारत की कई प्रमुख इंजीनियरिंग कंपनियों ने दिग्गज विदेशी ऊरा उपकरण बनाने वाली कंपनियों के साथ मिलकर संयुक्त उपक्रम बना लिए हैं। इन सभी का लक्ष्य उन उरा कंपनियों को उपक रणों की सप्लाई करना होगा जो इधर परमाणु ऊरा का उत्पादन करेंगी। जिन्होंने उपक्रम बनाए हैं, उनमें लार्सन एंड टुब्रो-मित्सुबिशी, तोशिबा-ोएसडब्ल्यू, भारत फरे-एलस्टोम जसी नामवर कंपनियों के उपक्रम शामिल हैं। सूत्र दावा कर रहे हैं कि इसी तर्ज पर आने वाले समय में कुछ और उपक्रम सामने आएं तो किसी को हैरत नहीं होनी चाहिए। भारतीय कंपनियों की भी चाहत है कि वे जापानी कंपनियों के साथ मिलकर तालमेल कर लें। जापानी कंपनियों का उरा उपकरण उत्पादन में कोई सानी नहीं माना जाता। खबर है कि कुछ चीनी कंपनियों का भी इरादा है कि वे भारत से अपने उपकरणों का उत्पादन करें। उद्योग और वाणिज्य संगठन फिक्की के उरा मामलों के विशेषज्ञ डा.विवेक पंडित ने बताया कि निजी क्षेत्र की चोटी की कम्पनी लार्सन एंड टुब्रो काफी पहले से ही न्यूक्िलयर पावर कॉरपोरशन ऑफ इंडिया को महत्वपूर्ण उपकरणों की सप्लाई कर रही है। उन्होंने कहा कि लार्सन एंड टुब्रो का मित्सुबिशी के साथ संयुक्त उपक्रम स्थापित करने से साफ है कि ये दोनों भारतीय बाजार में अपने लिए बेहतरीन समय देख रहीे हैं। इन्हें और दूसरी ऊरा उपकरण बनाने वाली कंपनियों को मालूम है कि भारत में परमाणु उरा के उत्पादन में प्राइवेट सेक्टर को आने की अनुमति मिलेगी। जाहिर है कि इन सभी के लिए तब शानदार समय होगा। वैसे,ाानकार यह भी कह रहे हैं कि भारत आने वाली कंपनियां हाइड्रो पावर और थर्मल पावर प्लांटों को भी उपकरण सप्लाई करने का कोई भी अवसर नहीं जाने देंगी।

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