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मैं कमजोर और नपुंसक नहीं हूं : उद्धव ठाकरे

शिव सेना के कार्यकारी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने गुरुवार को अपने आलोचकों का मुंह बंद करने की कोशिश करते हुए कहा कि वे न तो कमजोर हैं और न ही नपुंसक हैं। यहां दशहरा रैली में उन्होंने कहा कि मैं न तो कमजोर हूं और न ही नपुंसक हूं। मेरे पिता बाल ठाकरे ने एक शावक को जन्म दिया है। नपुंसक शब्द का प्रयोग महाराष्ट्र की राजनीति में नया नहीं है। उद्धव के पिता बाल ठाकरे अपने विरोधियों पर हमले में अक्सर इस शब्द का प्रयोग करते रहे हैं। उद्धव के आलोचक उनके व्यक्ितत्व को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। उनका कहना है कि उद्धव में वैसी राजनीतिक ताकत नहीं है जसी बाल ठाकरे में थी। उधर, शिव सेना सुप्रीमो बाल ठाकरे ने लोगों से कहा कि वे न केवल राज्य से बल्कि केंद्र से कांग्रेस को सत्ता से बेदखल करें। शिवाजी पार्क में पारंपरिक दशहरा रैली में गुरुवार शाम ठाकरे ने शिव सैनिकों से कहा कि वे राज्य में सेना को वापस सत्ता में लाने की कोशिश करें और केंद्र में ‘शिवशाही’ सुनिश्चित करें। ठाकरे ने कहा कि उद्धव हाल ही में राज्य के दौरे पर गए थे। आम आदमी की स्थिति दयनीय है। इस सरकार को एक मिनट के लिए सत्ता में बने रहने का अधिकार नहीं है। अपने भाषण में विभिन्न मुद्दों का जिक्र करते हुए ठाकरे ने कहा कि मराठियों और मराठी भाषा का मुद्दा नया नहीं है। आतंकवाद का जिक्र करते हुए शिव सेना सुप्रीमो ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी में आतंकवाद से लड़ने की इच्छाशक्ित थी। उन्होंने धार्मिक स्थल में आतंकवादियों का सफाया करने के लिए सेना को भेजा था। उन्होंने पूछा कि क्या वर्तमान सरकार यदि किसी मस्जिद में आतंकवादियों के होने की सूचना मिलती है तो सैन्य कार्रवाई की इजाजत देगी। उन्होंने कहा कि उग्रपंथी ताकतों में कानून व सरकार के प्रति सम्मान खत्म हो गया है और देश नरक में जा रहा है।

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