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अभी किसी को भी हरा सकते हैं चेतन : गोपी

इससे बेहतरीन प्रदर्शन की उम्मीद किसी खिलाड़ी से नहीं की जा सकती है। इस साल की शुरुआत में वे विश्व बैडमिंटन रैंकिंग में 70वें स्थान के आसपास थे और आज वे देश के नंवर वन खिलाड़ी बन गए हैं। अजरुन पुरस्कार विजेता और मौजूदा राष्ट्रीय बैडमिंटन चैंपियन चेतन आनंद गुरुवार को जारी ताजा रैंकिंग में आठ स्थानों की जबरदस्त छलांग लगा कर 22वें स्थान पर पहुंच गए हैं। हालांकि पिछले साल वे अपने करियर की बेस्ट रैंकिंग 20 और बेस्ट फॉर्म में थे लेकिन भारतीय बैडमिंटन संघ के साथ कुछ विवादों के चलते उन्हें कुछ इंटरनेशनल टूर्नामेंटों में खेलने का मौका नहीं मिला। एसे में रैंकिंग गिरने के कारण वे ओलंपिक में खेलने से वंचित रह गए। लेकिन इस साल उन्होंने लाजवाब प्रदर्शन के दम पर साबित कर दिखाया है कि असल में ओलंपिक में जाने के असली हकदार वहीं थे। राष्ट्रीय कोच गोपीचंद ने चेतन की इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए हैदराबाद से फोन पर कहा, बेशक एक साल में पांच टूर्नामेंट जीतना और करीब 50 स्थान की छलांग लगाना लाजवाब प्रदर्शन है। जिस तरह से वे खेल रहे हैं, लग रहा है वे किसी को भी हरा सकते हैं। सन 2001-02 में रैंकिंग में चौथे स्थान पर रहने वाले गोपी ने कहा, हाल-फिलहाल के वर्षो में ये किसी भी भारतीय खिलाड़ी की बेस्ट रैंकिंग हैं। अभी इस साल उन्हें कुछ टूर्नामेंट और खेलने हैं और उनकी रैंकिंग बेशक और ऊपर होगी। इस साल हैदराबाद में खेले गए इंडियन ओपन ग्रा. प्री. में शानदार प्रदर्शन के बाद से 28 वर्षीय चेतन ने लगातार अपनी रैंकिंग में सुधार किया। उससे पहले ही वे मार्च में केन्या ओपन जीत चुके थे और इंडिया ओपन में रनर-अप रहे। उसके बाद से उन्होंने चार और खिताब जीते-मई में स्पेनिश इंटरनेशनल, जून में नेपाल इंटरनेशनल सीरीा, सितंबर में चेक इंटरनेशनल और अभी पिछले सप्ताह 5 अक्तूबर को बिटबर्गर ओपन ग्रा. प्री.। इसके अलावा वे बेल्जियन इंटरनेशनल में रनर-अर रहे थे और विएतनाम ओपन के सेमीफाइनल तक पहुंचे थे। चेतन की पत्नी और देश की मिक्स्ड डबल्स की नंबर एक खिलाड़ी ज्वाला गट्टा ने चेतन की इस उपलब्धि पर हैदराबाद से फोन पर कहा, अप्रैल में इंडिया ओपन में रनर-अप बनने के बाद से उन्होंने बेहतरीन खेल दिखाया है। असल में उन्हें रैंकिंग की चिंता नहीं है, वे सिर्फ टूर्नामेंट जीतने के लिए खेलते हैं। अब उन्हें इस साल तीन और इंटरनेशनल टूर्नामेंट खेलने हैं-डच, डेनिश और फ्रेंच इंटरनेशनल। एसे में जिस तरह से वे खेल रहे हैं, उम्मीद है कि उनकी रैंकिंग में और भी सुधार होगा। बिटबर्गर ओपन जीत कर वे कोई भी ग्रा. प्री. टूर्नामेंट जीतने वाले पहले खिलाड़ी बन गए। इन उपलब्धियों की सीढ़ियों के सहार ताजा रैंकिंग में उनके 35750 प्वाइंट हैं। उन्होंने साबित कर दिया कि वे फिलहाल भारत के नंवर वन खिलाड़ी हैं। एड़ी की चोट के चलते इस साल अधिकांश इंटरनेशनल टूर्नामेंटों में हिस्सा नहीं ले सके और बीजिंग ओलंपिक में खेलने वाले भारत अनूप श्रीधर फिसल कर 37वें स्थान पर देश के तीसर नंबर के खिलाड़ी बन गए हैं। ताजा रैंकिंग में दूसर स्थान पर हैं बिटबर्गर में रनर-अप रहे अरविंद भट्ट।ं

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