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आतंक के खिलाफ पाकिस्तान ने की लामबंदी

पाकिस्तान में आतंकवाद विरोधी एक याचिका पर करीब 6.3 करोड़ लोगों ने हस्ताक्षर कर आतंकवाद के खिलाफ अपनी एकाुटता का क्षहार किया है। माना जा रहा है कि यह दुनिया में आतंकवाद के खिलाफ चलाई गई अब तक की सबसे बड़ी मुहिम है। ‘ये हम नहीं’ नाम से चलाई गई इस मुहिम के दौरान महा चार हफ्तों में एक तिहाई पाकिस्तानियों ने आतंकवाद विरोधी याचिका पर हस्ताक्षर कर आतंकवाद की भर्त्सना की। इस नई मुहिम ने करीब आठ साल पहले के बढ़ते वैश्विक र्का के खिलाफ चलाए गए अभियान का रिकार्ड ध्वस्त कर दिया जिसमें 2.4 करोड़ लोगों ने हस्ताक्षर किए थे। बच्चे भी समाज में कट्टरपंथ की मौजूदगी का शिकार बन रहे हैं। लिहाजा इस ताजा मुहिम में 11 साल से अधिक उम्र के बच्चों को भी भाग लेने का मौका दिया गया। हालांकि इस तरह के अभियानों का आतंकियों पर कोई असर नहीं हो रहा है। ‘ये हम नहीं’ अभियान के लिए आर्थिक सहयता ब्रिटेन व इंडोनेशिया के मुस्लिम व्यवसायी दे रहे हैं। इस मुहिम के संस्थापक वसीम मोहम्मद कहते हैं, ‘आतंकवाद को रोकने की ताकत सिर्फ अवाम में है। सरकार और विदेशी ताकतें कुछ नहीं कर सकतीं हैं। जरूरत है कि आतंकवाद से लड़ने के लिए लोगों को एक सामूहिक मंच मुहैया कराया जाए।’

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