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वित्तीय संकट को संभालता विज्ञानी

पश्चिमी दुनिया में वित्तीय सुनामी का दौर जारी है। इस सुनामी ने वाल स्ट्रीट से लेकर दलाल स्ट्रीट तक सबको हिला कर रख दिया है। वाल स्ट्रीट के अभेद्य माने जाने वाले निवेश बैंक तहस नहस होकर एक-एक करके दिवालिया हो रहे हैं। अमेरिका और यूरोप यहां तक कि जापान तक की सरकारें इस विश्वव्यापी मंदी से निपटने के लिये जुट गई हैं। दिग्गज माने जाने वाले वित्तीय संस्थानों के ध्वस्त होने से कराह रहे वाल स्ट्रीट को राहत देने के लिये अमेरिकी सरकार ने 700 अरब डालर के राहत पैकेा का ऐलान किया है। इस पैकेा की निगरानी और अमेरिकी अर्थव्यवस्था को वित्तीय संकट से उबारने के लिये भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक नील कश्करी को चुना गया है। संकट के समय संकटमोचक बने पैंतीस वर्षीय कश्करी को वित्तीय स्थिरता लाने के लिये बनाए गये ऑफिस ऑफ फाइनेंशल स्टेबिलिटी का अंतरिम प्रमुख बनाया गया है। यह विभाग 700 अरब डालर के फाइनेंशल बेलआउट प्रोग्राम लागू करगा। इस पद पर आने से पहले नील ट्रेारी के सेक्रेटरी थे। पूर्व में गोल्डमैन सैक के वाइस प्रेजिडेंट रहे नी 2006 में वाशिंगटन आये थे। तब उन्हें गोल्डमैन के सीईओ हेनरी पालसन का सीनियर सलाहकार बनाया गया था। नील को नये पद पर नामित करने वाले भी हेनरी पालसन ही हैं। वे इस समय ट्रेारी के सेकेट्ररी हैं। नील एक शालीन व्यक्ित हैं। उनके अंदर गजब की गहराई। वित्तीय विशेषज्ञ होने से पहले वे नासा में काम करते थे। वित्त जगत की जटिल गलियों में बढ़ने से पहले वह कैलिफोर्निया में रडोनाडो बीच पर टीआरडब्ल्यू में शोध एवं विकास मामलों के प्रमुख जांचकर्ता थे। वहां उन्होंने नासा के जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप जसे अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़े अभियानों के लिये तकनीक का विकास किया। नील ने इलिनोइस विश्वविद्यालय में एयरोनाटिकल इांीनियरिंग की पढ़ाई की है। इसके बाद उन्होंने पेनिसिल्वेनिया विश्वविद्यालय के हृार्टन स्कूल से एमबीए (फाइनेन्स) किया है। मूल रूप से जम्मू-कश्मीर के निवासी नील एक साधारण परिवार में जन्मे हैं। उनके दादा बिजली विभाग में बाबू थे। उनके पिता चमन नाथ कशकरी के अनुसार, मैं 42 साल पहले भारत से अमेरिका आया था। मैं देश से यह ठान कर चला था कि मुझे तकनीक का इस्तेमाल दुनिया से गरीबी और भुखमरी मिटाने के लिये करना है। बेटे नील पर अमेरिका ही नहीं दुनिया को वित्तीय संकट से उबारने का दायित्व है। नील के पिता इांीनियरिंग में डाक्टरट हैं। उनकी पढ़ाई एक क्रिश्चियन मिशनरी ग्रुप की मदद से हुई। नील की बहन डॉक्टर हैं और मां रिटायर्ड पैथालॉजिस्ट हैं। कश्करी 1ी जबर्दस्त मंदी के बाद अमेरिकी इतिहास में आई सबसे बड़ी वित्तीय अव्यवस्था दूर करने के लिये फंड मैनेजरों की नियुक्ित पर नजर रखेंगे। वे अन्य सरकारी विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों और वकीलों के साथ भी काम करंगे ताकि संकटग्रस्त संपत्तियों के लिये उचित बाजार ढूंढ़ने की प्रक्रिया तय की जा सके। नील की नियुक्ित को लेकर अमेरिका में सभी खुश नहीं हैं। वाल स्ट्रीट की गतिविधियों पर नजर रखने वालों द्वारा ब्लाग की दुनिया में टिप्पणी की जा रही है कि अमेरिका में इस समय सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिये पालसन ने अपनी पुरानी कंपनी से एक अनुभवहीन व्यक्ित को चुना है। कोई कुछ भी कहे अभी तो नील ने काम शुरू ही नहीं किया है। अंतरिक्ष विज्ञान से लेकर वित्त जगत में अब तक का उनका ट्रैक रकार्ड शानदार रहा है। उम्मीद है कि वे अमेरिका को इस संकट से उबारने में भी सफल होंगे।

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  • Web Title: वित्तीय संकट को संभालता विज्ञानी