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30 जनवरी, 2020|2:41|IST

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भाजपा व कांग्रेस विरोध चुनावी रणनीति : माकपा

आगामी विधानसभा व लोकसभा के आम चुनाव में वाम चुनावी रणनीति का पूरा फ ोकस भाजपा व कांग्रेस के सहयोगी दलों के खिलाफ होगा। माकपा महासचिव प्रकाश करात ने रविवार से कोलकाता में होने वाली केंद्रीय समिति की अहम बैठक के पहले यह साफ किया कि कांग्रेस व एनडीए से संबंध रखने वाले दलों के साथ वाम दल कोई रिश्ता नहीं रखेंगे। करात ने कहा कि उनकी पार्टी तमिलनाडु व आंध्र से चुनावी तालमेल की शुरुआत कर चुकी है। आंध्र में टीडीपी से पार्टी का गठाोड़ होगा,ाबकि तेलंगाना राष्ट्र समिति से भी गठाोड़ की बात चल रही है। तमिलनाडु में फिल्म स्टार विजयकांत की पार्टी डीएमडीके के साथ वार्ता पूरी हो चुकी है। विजयकांत की पार्टी को पिछले चुनाव में 8 प्रतिशत वोट मिले थे। जयललिता की पार्टी अन्नाद्रमुक के साथ भी माकपा संपर्क में हैं। करात ने साफ कर दिया कि डीएमके चूंकि केंद्र में यूपीए के साथ है, इसलिए उसके साथ राज्य में किसी तरह का गठबंधन करने का कोई सवाल नहीं उठता। वाम दलों के लिए सबसे ज्यादा चुनौती यूृपी व बिहार में खड़ी हुई है, जहां उसके उसके पुराने सहयोगी सपा व राजद कांग्रेस का दामन थाम चुके है। यूपी में बसपा ने सभी 80 सीटों पर अपने उम्मीदवार मैदान में उतारने का ऐलान कर रखा है लेकिन सूत्रों का कहना है कि बसपा कानपुर व घोसी सीट वाम दलों को देने को तैयार हो सकती है। कानपुर में माकपा के पास सुभाषिनी अली हैं। घोसी लोकसभा सीट पर भाकपा के राष्ट्रीय सचिव अतुल अनजान बसपा के साथ तालमेल में दावेदार माने जा रहे हैं। तीन दिन तक चलने वाली केंद्रीय समिति की बैठक में सिंगूर से टाटा के हाथ खींचने के बाद राज्य में ममता बनर्जी के खिलाफ आंदोलन की धार को तेज करने के कार्यक्रम भी बनाया जाएगा। अमेरिकी आर्थिक संकटका भारत पर पड़ रहे असर के अलावा उड़ीसा व कर्नाटक में ईसाईयों के खिलाफ हिंसा और आंतरिक सुरक्षा की भी स्थिति की समीक्षा की जाएगी।

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