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तो क्या जारी रहेगी नैनो की बुकिंग!

मीडिया में जारी अटकलों की मानें तो ‘जनता की कार’ को ‘जनता का प्यार’ पूरी तरह से नहीं मिला। नैनो का स्वागत तो गर्मजोशी से हुआ परंतु जितनी उम्मीद थी बुकिंग हुई उससे कहीं कम। इसकी बुकिंग का जिस बेसब्री से इंतजार किया जा रहा था उससे कहीं ज्यादा बेचैनी इस बात को लेकर महसूस की जी रही है कि नैनो की बुकिंग कितनी हुई? कहा तो यह भी जा रहा है कि नैनो की बुकिंग की तारीख को भी आगे बढ़ाया जा सकता है। हालांकि कंपनी की तरफ से इस विषय में किसी भी तरह की टिप्पणी नहीं की गई है। पटना से मिली खबर के मुताबिक डीलर 28 तारीख तक बुकिंग स्वीकार करंगे। लेकिन इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी। बुकिंग जब शुरू हुई थी तो डीलर काफी उत्साह में थे। सभी ने भर-भर कर बुकिंग फार्म खरीदे लेकिन उनमें से ज्यादातर बिना भर ही पड़े रहने की खबरं आ रही हैं। उल्लेखनीय है कि डीलर एक फार्म 250 में खरीद कर 300 में बेच रहे थे। बैंकों ने तो शनिवार को बुकिंग रोक दी पर कहा जा रहा है कि कुछ डीलरों ने देर रात तक अपने शोरूम खुले रखने का फैसला भी किया ताकि कुछ और बुकिंग हासिल हो सकें। तमाम कोशिशों के बाद सिर्फ इतना ही कहा गया कि शनिवार बुकिंग का आखिरी दिन है और ऑनलाइन बुकिंग रात 12 बजे तक होगी इसलिए कितनी कारं बुक हुई हैं इसका सही-सही आंकड़ा फिलहाल बताना मुश्किल है क्योंकि नैनो की बुकिंग के लिए दर्जनभर बैंकों की सैंकड़ों शाखाओं और टाटा क्रोमा, टाइटन और वेस्टसाइड के शोरूम और टाटा इंडिकॉम के काउंटरों पर बुकिंग फार्म बेचे गए और बुकिंग की गई। इन फार्म मुंबई भेजे जाएंगे तभी इनकी सही फिगर हासिल हो सकेगी। मीडिया में नैनो की बुकिंग की संख्या को लेकर तरह-तरह के आंकड़े घूम रहे हैं। कहीं कोई 10,00,000 की खबर सुना रहा है तो कुछ विशेषज्ञ डेढ़ से दो लाख के बीच ही बुकिंग सिमटने की जानकारी दे रहे हैं। नैनो की कम बुकिंग के अपने दावे के पीछे उनका तर्क यह है कि उसकी बुकिंग प्रक्रिया काफी उलझन भरी थी, कार लेने से पहले ग्राहकों को टेस्ट ड्राइव का मौका नहीं दिया गया, कार की डिलीवरी के लिए लॉटरी सिस्टम भी बुकिंग काउंटर तक ग्राहक के आने में रोड़ा बना। बताया जा रहा है कि ऑनलाइन बुकिंग तो शहरों में पसंद की गई। लेकिन बैंकों को नैनो की बुकिंग से ज्यादा फायदा नहीं हुआ क्योंकि बुकिंग के लिए ज्यादातर लोगों ने फाइनेंस के बदले डाउन पेमेंट को तराीह दी। इसके साथ ही बैंकों ने जो फार्म खरीदे थे उनमें से बिना बिके फार्मो में से सिर्फ 15 फीसदी ही कंपनी वापिस लेगी बाकी का 300 रुपये प्रति फार्म के हिसाब से खर्च बैंक ही झेलेंगे।ं

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  • Web Title: तो क्या जारी रहेगी नैनो की बुकिंग!