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कंधमाल की जेलों में कैदियों की बाढ़

उड़ीसा के कंधमाल जिले में हिंसा भड॥काने वालों को पुलिस ने भूसे की तरह जेलों में बंद तो कर लिया लेकिन कैदियों की संख्या इतनी बढ़ गई है कि प्रशासन को उन्हें संभालने के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन अब उन कैदियों की छँटनी करने में जुटा है जो सीधे तौर पर हिंसा और गोलीबारी में लिप्त थे। 23 अगस्त को विश्व हिंदू परिषद के नेता स्वामी लक्ष्मणानंद और उनके चार अनुयायियों की हत्या के बाद यहाँ हिंसा भड़क उठी थी। ऐसे में पुलिस ने हिंसा और आगजनी पर काबू पाने के लिए उपद्रवियों को एक सिर से गिरफ्तार करना शुरू कर दिया। इस समय जिले में कैदियों की संख्या 625 से भी अधिक है जो कि क्षमता से कहीं ज्यादा है। राज्य के आईाीपी वी.त्यागराजन ने कहा कि कंधमाल की जेलों में बंधकों की संख्या अधिक हो गई है। संतुलन बनाए रखने के लिए हम कुछ कैदियों को गंजम जिले की जेलों में शिफ्ट करने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को उदयगिरी से गंजम में दिगापहांदी जेल में 40 लोगों को भेजा जा चुका है। तीन जेलों में त्यागराजन ने दौरा कियो और उन्होंने कैदियों से उनकी समस्या के बार में पूछा। आईजीपी ने बताया कि जिले की एक जेल में शनिवार को 233 बंधक बंद किए गए जबकि जेल की क्षमता 132 की है। सबसे बुरी हालत तो उदयगिरी जेल की है जहाँ अब तक 35 कैदी ही थे। लेकिन अब यहाँ 204 बंधक है।

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