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बूटा के खिलाफ जदयू ने खोला मोर्चा

महादलित आयोग को असंवैधानिक करार देने से नाराज जदयू ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष डॉ. सरदार बूटा सिंह के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। रविवार को पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद राजीव रंजन सिंह और राज्यसभा सदस्य व राष्ट्रीय प्रवक्ता शिवानन्द तिवारी ने कहा कि डॉ. सिंह को ‘संवैधानिक और असंवैधानिक’ का ज्ञान नहीं है। बतौर राज्यपाल उन्होंने संवैधानिक शक्ितयों का प्रयोग कर बिहार में राष्ट्रपति शासन लगवाया जिसे सुप्रीम कोर्ट ने असंवैधानिक करार दिया। आखिरकार डॉ. सिंह को अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी।ड्ढr ड्ढr जदयू नेताओं ने कहा कि कुछ लोग दलितों का वोट जरूर लेते हैं लेकिन उनके कल्याण का प्रयास नहीं करते। नीतीश सरकार ने महादलितों के उत्थान के लिए प्रयास शुरू किये तो तथाकथित दलित नेताओं को बेचैनी होने लगी। ऐसे नेताओं को बताना चाहिए कि मुसहर, भुईयां, रजवार, मेहतर, डोम, बंतर, चौपाल, नट, तुरी, भोगता, कुररियार, हलालखोर, पान, स्वासी, दवगर, बाउरी, कंजर, लालबेगी, घासी, धोबी और पासी समुदाय की सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक स्थिति खराब क्यों है? आजादी के बाद से अबतक इस समुदाय को विधानसभा और लोकसभा में कितना प्रतिनिधित्व मिला? जदयू नेताओं ने कहा कि जो समूह मानव विकास दर के औसत से पीछे है उनके लिए विशेष प्रयास करना ही पड़ेगा। विरोध करने वालों को बताना पड़ेगा कि मुसहर जैसे महादलितों को समाज की मुख्यधारा में लाने का प्रयास क्यों नहीं होना चाहिए? वंचितों के घर में ज्ञान की रोशनी क्यों नहीं होनी चाहिए?

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