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27 फरवरी, 2020|8:17|IST

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कोसी की मुख्यधारा में चल रहे हल-बैल

ोसी की बाढ़ से बर्बाद होती फसलें इस बार पानी के अभाव में सूख गयी हैं। कोसी इस क्षेत्र के लिए वरदान और अभिशाप दोनों है। कुसहा तटबंध टूटने के बाद कोसी की मुख्यधारा जगह-ागह सूख कर बालू के टीले में तब्दील हो गयी है। जहां कभी नदी बहती थी आज हल-बैल चल रहे हैं। बालू युक्त इस जमीन पर किसान हल चलाकर जोत-आबाद करने में लगे हैं। एक तरफ कोसी की बाढ़ हाारों एकड़ फसल को बर्बाद कर लाखों लोगों के जीवन को तबाह कर दी है, तो पूर्वी और पश्चिमी तटबंधों के बीच कोसी के नहीं बहने से नवहट्टा, महिषी, सलखुआ क्षेत्र के बड़े भू-भाग में पानी की जगह धूल उड़ रही है।ड्ढr ड्ढr कोसी के गर्भ में हाारों एकड़ जमीन बर्बाद हो चुकी है। इस बार बांध के टूटने के बाद कोसी की अपनी पुरानी धारा में लौटने से हालांकि नवहट्टा, महिषी, सिमरी बख्तियारपुर, राजनपुर, सलखुआ, घोघेपुर सहित तटबंध के अंदर बसे सैकड़ों गांवों के लाखों लोगों ने राहत की सांस ली है। लोगों में खुशी है कि कोसी ने उनकी जमीन को वर्षो बाद मुक्त कर दी है।ं

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  • Web Title: कोसी की मुख्यधारा में चल रहे हल-बैल