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ग्रामीण विकास के अफसर लेंगे विकास योजनाआें का जायजा

ोसी के बाढ़ प्रभावित जिलों में ग्रामीण विकास की योजनाओं को पटरी पर लाने की कवायद शुरू हो गयी है। ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी उन जिलों में जाकर स्थिति का जायजा लेंगे। इसी सिलसिले में विभाग के प्रधान सचिव अनूप मुखर्जी 15 अक्तूबर को बाढ़ प्रभावित जिलों के दौर पर निकलेंगे। प्रधान सचिव 16 अक्तूबर को मानसी जाएंगे। वहां से सुपौल जाएंगे। सुपौल में बाढ़ से संबंधित ग्रामीण विकास के कार्यो की समीक्षा करंगे। 17 अक्तूबर को मेधपुरा और 18 अक्तूबर को सहरसा जाकर अधिकारियों के साथ बैठक करंगे और होने वाले कार्यो की समीक्षा करंगे।ड्ढr ड्ढr बाढ़ प्रभावित जिलों में वर्ष 2008-0में इंदिरा आवास योजना के तहत हजारों आवासों का भी निर्माण होना है। हालांकि इन जिलों में सामान्य आवंटन ही है। विभाग के अनुसार अररिया जिला में 1 अरब 18 करोड़ 33 लाख और 20 हजार रुपए की लागत से 33 हजार 80आवासों का निर्माण होना है। मधेपुरा में 75 करोड़ 75 लाख 13 हजार रुपए की लागत से 21 हजार 643, पूर्णिया में 1 अरब 33 करोड़ 67 लाख 56 हजार रुपए की लागत से 38 हजार 1सुपौल में रोड़ 21 लाख 4हजार रुपए की लागत से 26 हजार 343 और सहरसा में 63 करोड़ 43 लाख 58 हजार रुपए की लागत से 18 हजार 124 आवासों का निर्माण होना है। विभाग की मानें तो इन प्रस्तावित आवासों में से कई का निर्माण हो चुका है। आशंका यह भी जताई जा रही है कि इनमें से कई आवास बाढ़ में क्षतिग्रस्त हो गए होंगे। लिहाजा इसकी पूरी समीक्षा होगी। केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने भी बाढ़ प्रभावित जिलों के लिए 58 हजार इंदिरा आवासों की स्वीकृति दी है। हालांकि राज्य सरकार ने इसे नाकाफी ही माना है।ं

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