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सिस्टम सुधारने की आम आदमी की जिद

सरकारी कर्मचारी नहीं, फिर भी सुबह 0 बजे स्कूल पहुंचकर शिक्षकों और छात्रों का इंतजार करते हैं। बच्चे अगर स्कूल नहीं आये, तो उसके घर जाकर नहीं आने का कारण जानते हैं। का नाम है गोपाल प्रसाद और स्कूल का नाम है राजकीय मध्य विद्यालय हरमू। वे ग्राम शिक्षा समिति के अध्यक्ष हैं। इनकी जिद है स्कूल की व्यवस्था सुधारने की। कभी यहां बच्चों की संख्या तीन सौ से ऊपर नहीं थी। आज इस स्कूल में बच्चों की संख्या 700 से ज्यादा है। जज्बा ऐसा कि पिछले दो साल से भले शिक्षक और बच्चे अनुपस्थित हो जायें, ये अनुपस्थित नहीं रहे। घर से कुर्सी ले जाकर बाहर बरामदे में बैठे रहते हैं। महीने में एक दिन अभिभावकों की मीटिंग बुलाते हैं। वह बताते हैं कि अभिभावकों के विचार को विभाग तराीह नहीं देता है। शिक्षा विभाग और शिक्षक साथ दे, तो सरकारी स्कूलों का भी कायाकल्प हो सकता है। छात्रों की उपस्थिति समय पर हो, इसके लिए एक योजना बनायी है। 10 बजे तक स्कूल पहुंचनेवालों बच्चों और शिक्षकों के लिए लॉटरी निकाली जायेगी। लॉटरी के माध्यम से पांच बच्चों और दो शिक्षकों पुरस्कृत किया जायेगा। 13 अगस्त को स्कूल में योजना के तहत पांच बच्चों की घड़ी दी गयी।

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